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Home झारखण्ड गोड्डा मखाना एवं सिंघाड़ा की खेती का दिया गया प्रशिक्षण

मखाना एवं सिंघाड़ा की खेती का दिया गया प्रशिक्षण

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मखाना एवं सिंघाड़ा की खेती का दिया गया प्रशिक्षण

स्थानीय तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा में बुधवार और गुरुवार को दो दिवसीय आवासीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन (आत्मा) द्वारा जल आधारित खेती में मखाना और सिंघाड़ा की उन्नत तकनीक सिखाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 25 किसान शामिल हुए. कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि गोड्डा जिले में मखाना और सिंघाड़ा की खेती के लिए अनुकूल जलवायु और भूमि उपलब्ध है और इन फसलों से किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं अधिक हैं. वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया कि इन फसलों की हाई वैल्यू और बाजार मूल्य के साथ-साथ उनकी न्यूट्रिशनल गुणवत्ता भी अधिक है. मखाने की खेती जिले में अपेक्षाकृत नहीं की जा रही है, लेकिन जल जमाव वाली जमीन में इन फसलों की खेती करके अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है. कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापकों डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डॉ. एम. रंजना देवी, डॉ. अजीता सोरेन, डॉ. अंकित तिवारी, डॉ. जैनी प्रिया इक्का और डॉ. नीरजा ऊषा कुजूर ने फसलों की खेती के उपयुक्त जलवायु, भूमि तैयारी, उन्नत बीज, पौध संरक्षण, उत्पादन तकनीक और विपणन संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी और किसानों के सवालों का समाधान किया. कार्यक्रम में आत्मा के उप परियोजना संधीर खलखो, सह अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. अमृत कुमार झा, जिला कृषि पदाधिकारी अभिजीत शर्मा सहित अन्य अधिकारी और किसान भी उपस्थित रहे.

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