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पेयजल संकट का सामना कर रहे ग्रामीण

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पेयजल संकट का सामना कर रहे ग्रामीण

बसंतराय प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बाघाकोल पंचायत के मंसा बिशनपुर गांव के दक्षिण टोला में 14वें वित्त आयोग से लगभग चार लाख रुपये की लागत से बना सोलर जलमीनार तीन महीने से खराब है. इस वजह से ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है. सरकार के लाख प्रयास के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट गहराता जा रहा है. स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर खासी नाराजगी है. ग्रामीणों के अनुसार सोलर जलमीनार लगने से लोगों को पेयजल मिलने उम्मीद थी. विभागीय उपेक्षा की वजह से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं होने से लोग परेशान है. गांव की आबादी सात सौ लोगों की है.

ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने का लगाया आरोप

मंसा बिशनपुर गांव में दो सोलर जलमीनार लगाया गया है, जिसमें से एक कुछ सही है, दूसरा जलमीनार तीन माह से खराब है. खराब जलमीनार से लगभग सौ घरों के लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संवेदक द्वारा सोलर जलमीनार निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है. घटिया सामग्री सोलर जलमीनार में लगाया गया है. नियमों को ताक पर रखकर सोलर जलमीनार का निर्माण करा दिया गया है. जलमीनार कुछ दिन बाद तक तो ठीक ढंग से चला, उसके बाद से ही सोलर जलमीनार में खराबी आना शुरू हो गया. रिपेयरिंग के नाम पर कभी कभार खानापूर्ति की गयी. ग्रामीणों ने बताया कि कुछ माह पहले मुखिया और पंचायत सचिव ने रिपेयरिंग कराया मगर कुछ दिन ही चल पाया है. मुखिया से कई बार शिकायत की गयी है, लेकिन अब तक इस सोलर जलमीनार का मरम्मत कार्य कराने के लिए ठोस पहल नहीं की गयी है.

डीसी से अविलंब मरम्मत कराने की मांग

ग्रामीणों ने डीसी से जलमीनार की जांच करा कर अविलंब मरम्मत कराने की मांग की है. ग्रामीणों में सावित्री देवी, गणेश राय, सितारम मांझी, किशन मांझी, जयकांत मांझी, फेकन मांझी, कलर मांझी, दरोगी मांझी, मुन्नी देवी, रंजो देवी, पुनो देवी, साजन मिस्त्री, रघुनाथ पंडित, चंदर मांझी आदि ने बताया कि जलमीनार में खराबी की वजह से सभी परेशान है.

ग्रामीणों ने कहा

कई बार इस संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों को सूचना दी गयी है. इसके बावजूद सोलर जलमीनार के मरम्मत की दिशा में ठोस पहल नहीं की गयी है. पैसे की बर्बादी के अलावा कुछ भी नहीं हुआ है.

– वकील मांझी, ग्रामीण

बड़ी आबादी को सोलर जलमीनार से पानी उपलब्ध होता था. वह भी पानी देना बंद कर दिया है. ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. तीन माह से परेशानियों पर किसी की नजर नहीं है.

– सावित्री देवी

सोलर जलमीनार लगाने में काफी घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है. इस वजह से जलमीनार जल्द खराब हो गया है. पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. ठंढ के माैसम मे यह हाल है.

– रघुनाथ पंडित

शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं होने से हम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पदाधिकारियों की लापरवाही का यह नतीजा है. इस मामले से वाकिफ कराया गया है, बावजूद परेशानी बरकरार है.

– गणेश रायB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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