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एसडीओ से मुलाकात नहीं होने पर निराश लौटे मजदूर

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एसडीओ से मुलाकात नहीं होने पर निराश लौटे मजदूर

राजमहल कोल परियोजना के अधीनस्थ हुर्रासी कोयला खनन क्षेत्र में पूर्व में कार्यरत फुलवरिया गांव के सैकड़ों महिला-पुरुष मजदूर वार्ता के लिए महागामा अनुमंडल कार्यालय पहुंचे. लेकिन अनुमंडल कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी राजीव कुमार के उपस्थित नहीं रहने के कारण मजदूर निराश हो गये. मजदूरों ने कहा कि अनुमंडल कार्यालय की ओर से 12 जुलाई को पत्र निर्गत कर त्रिपक्षीय वार्ता के लिए 24 जुलाई को बुलाया गया था. सैकड़ों मजदूर अपने निजी कार्य को छोड़कर वार्ता के लिए पहुंचे थे. लेकिन पदाधिकारी के नहीं रहने के कारण निराश लौट रहे हैं. मजदूरों ने कहा कि हुर्रासी कोयला खनन क्षेत्र में लगभग 50 वर्ष पूर्व कोयला खनन का कार्य किया जाता था. उस समय फुलवरिया गांव के सभी मजदूर कार्य करते थे. 1974 में राजमहल परियोजना का राष्ट्रीयकरण किया गया. पूर्व में कार्य किये गये मजदूरों को नियमानुसार कार्य पर रखा गया था. लेकिन हुर्रासी कोयला खनन क्षेत्र में प्राइवेट कंपनी मोंटे कार्लो द्वारा कोयला खनन का कार्य शुरू किया गया है. लेकिन इस क्षेत्र में कार्य किये गये पूर्व मजदूरों को काम पर नहीं रखा जा रहा है. यह बिल्कुल ही मजदूर के साथ अन्याय है. जबकि 50 वर्ष पूर्व मजदूर कठिन मेहनत कर कम पैसा पर कोयला उत्खनन का कार्य करते थे. मजदूरों ने कहा कि अपनी मांगों के लिए हुर्रासी फुलवरिया मजदूर सेवा ट्रस्ट के बैनर तले कई बार आंदोलन किया. लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा हमेशा कार्य पर रखने के लिए आश्वासन दिया जाता है. अनुमंडल पदाधिकारी ने मजदूरों की समस्या का समाधान करने के लिए सकारात्मक पहल किए थे, जिसका सभी मजदूरों ने स्वागत किया था. अनुमंडल कार्यालय से आश्वासन दिया गया है कि आगामी 6 अगस्त को मजदूर एवं राजमहल परियोजना के पदाधिकारी के साथ वार्ता कराया जाएगा. आश्वासन के बाद सभी मजदूर अपने घर को लौट गये. अनुमंडल पदाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि मजदूर को वार्ता के लिए बुलाया गया था. लेकिन कार्यालय में नहीं रहने के कारण छह अगस्त को सभी मजदूरों को वार्ता के लिए बुलाया गया है. मौके पर मजदूर मसीह सोरेन, रविंदर, मुनिता किस्कू, दिनेश मुर्मू, दीनबंधु कुमार, सुशील लोहार आदि उपस्थित थे.

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