[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गोड्डा माता-पिता से बढ़कर कोई भगवान नहीं : मणि प्रकाश

माता-पिता से बढ़कर कोई भगवान नहीं : मणि प्रकाश

0
माता-पिता से बढ़कर कोई भगवान नहीं : मणि प्रकाश

मेहरमा प्रखंड क्षेत्र के सुखाड़ी पंचायत के शोभापुर गांव में हो रहे सात दिवसीय सत्संग कार्यक्रम में वृंदावन से पहुंचे कथा वाचक मणि प्रकाश जी महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया. कथा के प्रथम दिन कथा वाचक ने श्रद्धालुओं को कहा कि माता-पिता से बढ़कर कोई भगवान नहीं होता. बताया कि लोग घर से माता-पिता को बाहर निकाल देते हैं. उन्हें भोजन नहीं देते और वह तीर्थ यात्रा करने जाते हैं. ऐसे तीर्थ करने वाले श्रद्धालुओं का तीर्थ कभी पूरा नहीं होता है.

कथा सुनने से मिलती है शांति

कथा वाचक ने बताया कि भक्तों का तीर्थ तभी सफल हो सकता है, जब वे घर के माता-पिता की सेवा करें और अगर वह तीर्थ यात्रा पर निकलें तो यथासंभव यह प्रयास रहे कि वे अपने साथ माता-पिता को लेकर जायें. उनकी तीर्थ तभी पूर्ण रूप से सफल साबित होगी. कथा वाचक ने कहा कि श्रद्धालु कथा तो सुनते हैं, मगर श्रवण नहीं करते. कहा कि कथा का श्रवण करना चाहिए. कथा सुनने से मन में शांति होती है. मौके पर जयप्रकाश साह, अरुण साह, प्रमोद कर्ण, संतोष साह, दीपक ठाकुर, चंदन पासवान, चंदन पंडित, शिवम गोस्वामी, श्रीदेव गोस्वामी श्रद्धालुओं के व्यवस्था में लगे थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel