[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गोड्डा पॉक्सो एक्ट यौन अपराध रोकने में काफी मददगार

पॉक्सो एक्ट यौन अपराध रोकने में काफी मददगार

0
पॉक्सो एक्ट यौन अपराध रोकने में काफी मददगार

गोड्डा. कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रघुनाथपुर में शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में विधान से समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान डालसा की ओर से गठित टीम में रिसोर्स पर्सन के रूप में एलएडीसी लीली कुमारी व मध्यस्थ कुंदन ठाकुर ने कहा कि बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने 2012 में पॉक्साे कानून को अस्तित्व में लाया. यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों चाहे वह लड़का हो या लड़की दोनों को उनके प्रति यौन अपराधों या यौन उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करता है. इसकी सुनवाई पॉक्सो के विशेष अदालत में की जाती है. बताया कि पॉक्सो एक्ट के मामले का निबटारा वर्ष के अंदर करने का प्रावधान है. 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन अपराध सिद्ध होने पर दोषी को 20 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास व जुर्माना भरने का प्रावधान है. बताया कि कि एक्ट के तहत सभी अपराध गैर जमानती होते हैं. अधिकार मित्र सह पीएलवी नवीन कुमार व जायसवाल मांझी ने कहा कि समाज में व्यक्त डायन प्रथा, दहेज प्रथा, बाल विवाह, बाल-श्रम, मानव तस्करी आदि को मिटाने के लिए संकल्प लेने की जरूरत है. विद्यालय की वार्डन अनिता कुमारी ने कहा कि किसी के साथ कोई घटना घटित होती है, तो उस बात काे अपने अभिभावक, माता, शिक्षक आदि को बतायें. ताकि इस दिशा में पहल की जाये. कानून की जानकारी प्राप्त करके उसे अन्य साथियों के साथ भी शेयर करें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel