[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गोड्डा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी सेंटर में मना रतन मोहिनी दादी का स्मृति दिवस

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी सेंटर में मना रतन मोहिनी दादी का स्मृति दिवस

0
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी सेंटर में मना रतन मोहिनी दादी का स्मृति दिवस

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के महागामा सेंटर में गुरुवार को राजयोगिनी रतन मोहिनी दादी का प्रथम स्मृति दिवस बड़े भव्य तरीके से मनाया गया. सेंटर इंचार्ज पूनम बहन ने दादी रतन मोहिनी जी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दादी परमात्मा का बहुमूल्य रतन थीं. उन्होंने लाखों लोगों के दिलों में प्यार, आस्था और विश्वास का आशियाना बनाया. उनकी उपस्थिति मात्र से परमात्मा के प्यार का गहरा एहसास होता था. दादी रतन मोहिनी जी 12 वर्ष की आयु में ही ब्रह्मकुमारी संस्था से जुड़ीं और ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करते हुए अपना संपूर्ण जीवन ईश्वरीय सेवा के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने देश-विदेश में समय-समय पर शांति और सद्भावना का बीज बोया. दादी जी ने युवा प्रभात की अध्यक्षता की और 2006 में मुंबई से तिनसुकिया (असम) तक 3000 किलोमीटर लंबी युवा रैली आयोजित की, जो लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज की गयी. उनके प्रेरणादायक जीवन को देखते हुए 2014 में उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि और 2015 में भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया. स्मृति दिवस के दौरान सभी भाई-बहनों ने दादी के चित्र पर पुष्प अर्पित किये और उनके बताए मार्गों पर चलने का संकल्प लिया. कार्यक्रम में दादी जी की सेवाभावना, उच्च आदर्श और ईश्वरीय कार्यों को याद कर श्रद्धालुओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel