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देखरेख के अभाव में लाखों की परिसंपत्ति हो गयी बर्बाद

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देखरेख के अभाव में लाखों की परिसंपत्ति हो गयी बर्बाद

गोड्डा. नगर भवन गोड्डा की हालत इतनी खराब है कि जिले के दो विधायक को भी मामले पर हस्तक्षेप करना पड़ा. एक साल नहीं दो वर्षों से नगर भवन में किये जानेवाले कार्यक्रम के दौरान आयोजकों को बाहर से ही सुविधा लेनी पड़ती है, जबकि नगर भवन में पिछले वित्तीय वर्ष में करीब एक करोड़ से ज्यादा की राशि व्यवस्था को दुरुस्त करने पर खर्च किया गया है. बताया जाता है कि कुछ ही दिनों में नगर भवन में लगी ऐसी से लेकर सारा सामान पूरी तरह से बर्बाद हो गया. भवन की स्थिति यह है कि कीमती सामान को लगानेवाले टेंडर द्वारा नगर परिषद को सुपुर्द कर दिये जाने के बाद आज तक मामले पर कभी संज्ञान नहीं लिया गया. नगर भवन में लगायी गयी करोड़ों की परिसंपत्ति बर्बाद हो रही है. पिछले वित्तीय वर्ष में नगर परिषद ने विभिन्न मदों में एक से सवा करोड़ की राशि से कई आवश्यक कार्य किया गया था. समय-समय पर लगाये गये सामान की देखरेख व मरम्मत नहीं किये जाने के कारण देखते ही देखते एसी से लेकर नगर भवन के साउंड सिस्टम तक को बर्बाद कर रख दिया है. बताया गया कि टाउन हाल में 30 लाख रुपये का ऐसी लगाया गया था. विगत दो तीन सालों से नहीं मिल रहा है. आरंभ होने के साथ ही टाउन हाल वातानुकूलित था. पर 2023 से ही एसी काम करना बंद कर दिया है. दुबारा इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी. नगर भवन के लिए करीब 13 लाख की लागत से खरीदे गये जेनरेटर भी फिलहाल बंद है. नगर परिषद ने मरम्मत के नाम पर पानी के तरह पैसा बहाया है. मोटी रकम करीब 70 लाख रुपये खर्च किया गया. इससे हॉल के चारों ओर दीवार व गेट आदि में भी मैट चिपकाया गया. पिछले चार -पांच साल के दौरान विभिन्न वित्तीय वर्षों में नगर भवन के सुदृढ़ीकरण, रंग-रोगन आदि को लेकर नगर परिषद ने पानी के तरह पैसा बहाया. लेकिन नतीजा सबों के सामने हैं. अब किसी काम का नहीं बचा है. गर्मी के दौरान नगर भवन में में कुछ पल बैठ पाना बड़ा कठिन हो रहा है. हॉल के अंदर सामने मंच पर एलइडी स्क्रीन भी लगायी गयी. विभाग के ओर से कुल 30 लाख रुपये खर्च किया गया था. उपयोगिता भी कम ही बची है. बताया जाता है कि गड़बड़ी के बाद ठीक नहीं कराया जा सका है . प्राइवेट संसाधन के सहारे होता है कार्यक्रम का आयोजन नगर भवन में सालों भर कार्यक्रम किया जाता है. इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, डीएमएफटी से लेकर हाल के दिनों में चुनाव को लेकर लगातार कार्यक्रम में सरकार के लाखों लाख रुपये की राशि प्राइवेट रूप से विभिन्न टेंट हाउस के माध्यम से कराया जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि जिले के वरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन के बावजूद भवन की व्यवस्था में सुधार करने की जगह हाथ पर हाथ डालें दिखते हैं. विभाग के ऐसे पदाधिकारी आराम से टेंट हाउस को पैसा देकर सरकारी राशि के खजाने को खाली कराने में लगे हैं. कोट नगर भवन में सब कुछ ठीक है. ऐसी व साउंड सिस्टम के वायर को चूहा काट दिये जाने की वजह से काम नहीं हो पा रहा है. जल्द ही ठीक कर दिया जायेगा. – राहुल कुमार , सिटी मैनेजर क्या कहते हैं विधायक नगर भवन में पैसे की लूट व बंदरबांट के मामले की जांच हर हाल में होनी चाहिए. हर बार कार्यक्रम किया जाता है. पदाधिकारी को इस बात की जानकारी के बावजूद दुरुस्त करने की दिशा में पहल नहीं की जा रही है. सरकारी राशि के उपयोग के बावजूद सही इस्तेमाल नहीं किया जाना सरकारी राशि का दुरूपयोग है. अविलंब जांच के साथ ऐसे मामले पर कारवायी की जरूरत है. ,,, अमित मंडल , विधायक, गोड्डा ,, मामले की जांच कर अवश्य होनी चाहिए. दुख होता है कि किस तरह से इस भवन को कबाड़ में तब्दील कर दिया गया है. न कोई देखने वाला है ओर न ही किसी को इस बात का लेना देना है. गोड्डा में एक मात्र नगर भवन की दुर्दशा से मन भारी करने का काम किया है. -दीपिका पांडेय सिंह , विधायक, महागामा .

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