मंगलवार की देर रात अचानक मौसम में आए बदलाव के साथ तेज आंधी और बारिश ने महागामा एवं हनवारा के आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचा दी. तेज हवाओं के कारण कई कच्चे और कमजोर मकानों की छतें उड़ गयीं, जबकि कई स्थानों पर बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े. आंधी के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा. लोग भय के कारण अपने घरों में ही दुबके रहे. ग्रामीण इलाकों में इसका अधिक प्रभाव देखने को मिला, जहां कई मकानों को नुकसान पहुंचा. पेड़ और बड़ी-बड़ी डालियां सड़क पर गिर जाने से मुख्य मार्गों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया. रात के समय मार्ग अवरुद्ध होने से राहगीरों एवं वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा तथा कई लोग घंटों रास्ते में फंसे रहे. आंधी के कारण बिजली व्यवस्था भी चरमरा गयी. कई स्थानों पर बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर गिरने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गयी, जिससे लोग रातभर अंधेरे में रहने को मजबूर हुए. कई जगह बिजली के तारों और पोलों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है. घटना की सूचना मिलते ही हनवारा थाना प्रभारी ध्रुव कुमार पुलिस बल के साथ सक्रिय हो गये. उन्होंने तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाकर सड़कों पर गिरे पेड़ों और टहनियों को हटाने का कार्य शुरू कराया. पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से कई घंटों की मशक्कत के बाद मार्ग को साफ कराया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे आवागमन सामान्य हो सका. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आंधी इतनी तेज थी कि लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके. सुबह जब लोग बाहर निकले तो जगह-जगह टूटे पेड़, बिखरी टहनियां और क्षतिग्रस्त छप्पर दिखाई दिये. ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है. वहीं राहत कार्य में तत्परता दिखाने पर स्थानीय लोगों ने हनवारा पुलिस की सराहना की. लोगों का कहना था कि समय पर सड़क से पेड़ नहीं हटाए जाते तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी.