[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गोड्डा हंसडीहा की आलू की बोरियों ने घटाया बंगाल का बोझ

हंसडीहा की आलू की बोरियों ने घटाया बंगाल का बोझ

0
हंसडीहा की आलू की बोरियों ने घटाया बंगाल का बोझ

हंसडीहा से आलू और टमाटर की बढ़ी आपूर्ति ने न केवल कीमतों को काबू में रखा है, बल्कि जिले के बाजारों में रौनक भी लौटा दी है. अब आम लोगों को किफायती दरों पर सब्जियां मिल रही हैं, जिससे सभी राहत महसूस कर रहे हैं. गोड्डा जिले के सब्जी बाजार में आलू और टमाटर की कीमतों में बड़ी राहत देखी जा रही है. अब जिले के थोक कारोबारी आलू के लिए पूरी तरह बंगाल पर निर्भर नहीं हैं. हंसडीहा से भारी मात्रा में आलू और टमाटर की आवक हो रही है, जिससे जिले में सब्जियों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. हंसडीहा सब्जी मंडी से हर दिन 40-50 पिकअप आलू गोड्डा और उसके आसपास के इलाकों में भेजा जा रहा है. इसके चलते न केवल गोड्डा, बल्कि पड़ोसी जिले जैसे भगैया, साहेबगंज, मिर्जाचौकी, दुमका और देवघर भी लाभान्वित हो रहे हैं. हंसडीहा से आने वाली आलू की खेप ने स्थानीय बाजारों में स्थिरता ला दी है और कीमतों में भी कमी की है.

कीमतों में गिरावट

आलू की कीमत :

एक महीने पहले 35 रुपये प्रति किलो बिकने वाला पुराना आलू अब 25 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है. थोक दर भी घटकर 20 रुपये प्रतिकिलो हो गयी है.

टमाटर की कीमत :

40-50 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब 25 रुपये प्रति किलो पर आ गया है. इस गिरावट से आम लोगों और सब्जी कारोबारियों को राहत मिली है.

बंगाल पर निर्भरता हुई कम

पिछले दिनों बंगाल से आलू मंगाने में थोक कारोबारियों को काफी परेशानी हो रही थी. इसके अलावा, वहां की कीमतें भी ऊंची थीं. हंसडीहा से आलू आने के बाद यह समस्या काफी हद तक सुलझ गई है.

कोल्ड स्टोरेज की जरूरत

थोक विक्रेताओं के मुताबिक, जिले में कोल्ड स्टोरेज की कमी के कारण आलू का भंडारण करना मुश्किल है. अगर गोड्डा और उसके आसपास कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध हो जाए, तो जिले के कारोबारी पूरी तरह आत्मनिर्भर हो सकते हैं और आलू के लिए बंगाल पर निर्भरता खत्म हो जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel