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Giridih News :तीन साल में भी नहीं बनी टंकी, लोगों को नहीं मिल रहा पानी

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Giridih News :तीन साल में भी नहीं बनी टंकी, लोगों  को नहीं मिल रहा पानी

गुमगी के वर्षों जलसंकट झेल रहे हैं. पूरा गुमगी गांव ड्राई जोन में आता है. इसके कारण गर्मी में क्षेत्र पेयजल संकट विकराल रूप ले लेता है. ग्रामीण भूषण विश्वकर्मा, नीरज साव, रामाशीष सिंह, पवन साव, विकास साव, मुकेश साव, भीखन यादव, बबलू यादव, सदानंद साव, पार्वती देवी, संगीता देवी, रूपा देवी, निर्मला देवी, पूजा देवी, किरण देवी आदि का कहना है कि वर्षों से हमलोगों की मांग पर तीन साल पूर्व से ही यहां पानी टंकी का निर्माण शुरू किया गया. उम्मीद थी कि 2025 से ही हमलोगों को पानी मिलने लगेगा, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है और गांव में समस्या बरकरार है. वर्तमान में गुमगी के ग्रामीण एक झरना से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं.

90 प्रतिशत काम हुआ पूरा : जेई

इधर, पेयजल व स्वच्छता विभाद के कनीय अभियंता (जेई) देवेंद्रनाथ महतो ने बताया कि गुमगी में पानी टंकी का लगभग 90 प्रतिशत कार्य हो चुका है. विभागीय फंड नहीं मिलने के कारण 10 प्रतिशत कार्य नहीं हो पाया है. कहा कि विभाग को इस संबंध में पत्र लिखा गया है. उम्मीद जतायी जा रही है कि शीघ्र ही अलॉटमेंट आ जायेगा. प्रयास किया जा रहा है कि बाकी काम को शीघ्र पूरा कर इसी गर्मी में गुमगी में जलापूर्ति शुरू की जाये.

बगोदर के सुगीटांड़ में पेयजल संकट

बगोदर प्रखंड की हेसला पंचायत के सुगीटांड़ टोले में पेयजल की समस्या लोगों को सताने लगी है. स्थानीय लोगों ने पूर्व में बने जलमीनार को दुरुस्त करने की मांग की है. हेसला में तीन जगहों पर 15वें वित्त के तहत बने जलमीनार बनाया गया था. इन जलमीनारों से पानी नहीं मिल रहा है. हेसला ही नहीं अधिकांश पंचायत के लगे पूर्व के 15वें वित्त के तहत निर्मित जलमीनार खराब पड़े हैं. किसी का मोटर खराब है, तो किसी के सोलर पैनल में भी खराबी है. इसे दुरुस्त करने की कोई पहल नहीं की जा रही है. हेसला पंचायत के सुगीटांड़, हेसलाटांड़ पार, वार्ड नंबर छह में लगे जलमीनार खराब हैं. इससे लाभ लेने वाले ग्रामीणों को पानी के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. सुगीटांड़ टोले में जलमीनार झाड़ियों से ढंक गया है. ग्रामीणों का कहना है कई बार अधिकारियों को ध्यान भी दिलाया गया, लेकिन इस बंद पड़े जलमीनार को ठीक नहीं किया जा रहा है. ग्रामीणों को पानी के लिए कुआं और तालाब का सहारा लेना पड़ रहा है.

क्या कहती हैं बीडीओ :

बीडीओ निशा कुमारी ने सभी मुखिया को खराब पड़े 15वें वित्त के तहत जलमीनार को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है. कहा कि जिन स्थानों पर पानी की समस्या है, उसे दूर करने का हरसंभव प्रयास किया जायेगा.

देवरी के कई गांवों में खराब पड़े हैं जलमीनार

गर्मी शुरू होने के साथ ही देवरी प्रखंड के कई गांव में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गयी है. ग्रामीणों जल जीवन मिशन के बने जलमीनार को चालू व खराब पड़े चापाकल को दुरुस्त करवाने की मांग की है. तिलकडीह पंचायत के कोयरीडीह गांव में जल जीवन मिशन की योजना विभागीय उदासीनता और संवेदक की लापरवाही की भेंट चढ़ गयी है. ग्रामीणों को आज तक इस महत्वाकांक्षी योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पाया है. ग्रामीणों के अनुसार करीब ढाई साल पहले गांव में जल जीवन मिशन के तहत बोरिंग कर जलमीनार का निर्माण किया गया था. इसके साथ ही पूरे गांव में पाइपलाइन बिछाकर घर-घर पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी की गयी थी. शुरुआत में लगभग एक पखवारे तक पाइपलाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति हुई. इससे ग्रामीण खुश थे, लेकिन अचानक पानी की सप्लाई बंद हो गयी. इसके बाद आज तक जलापूर्ति ठप पड़ी है. गांव के लोगों ने कई बार संबंधित विभाग में शिकायत की, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई.

ग्रामीणों ने कहा : ग्रामीण कुसुम सोरेन, बड़की मरांडी, बड़की हेंब्रम, उषा प्रेमी मरांडी, हिना मरांडी, सलोनी मुर्मू, मीनाक्षी मरांडी, अमर मरांडी आदि ने कहा कि जलमीनार और पाइपलाइन शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. कहा कि गर्मी में उन्हें पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द योजना को चालू कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है. इधर, बेड़ोडीह पंचायत के फतेहपुर नीचे टोला में पेयजल संकट उत्पन्न होने से लोग परेशान है. गांव की गीता देवी, हेमंती देवी, सुलेखा देवी, किरण देवी, मीना देवी, उर्मिला देवी, काजल देवी, मुन्नी देवी आदि ने गांव में चापाकल लगवाकर पेयजल संकट से निजात दिलवाने की मांग की है. असको पंचायत के तपसीडीह व खोजारटोल गांव में भी जलसंकट उत्पन्न हो गया है.

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