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Home झारखण्ड गिरिडीह संतानोत्पत्ति की कामना के साथ भंवरडीह में शुरू हुई थी वांसतिक दुर्गा पूजा

संतानोत्पत्ति की कामना के साथ भंवरडीह में शुरू हुई थी वांसतिक दुर्गा पूजा

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संतानोत्पत्ति की कामना के साथ भंवरडीह में शुरू हुई थी वांसतिक दुर्गा पूजा

बेंगाबाद. गोलगो पंचायत के भंवरडीह गांव में संतानोत्पत्ति की कामना को लेकर वासंती दुर्गा पूजा की शुरुआत 70 साल पहले शुरू हुई. भंवरडीह निवासी हुबलाल पांडेय ने वासंतिक नवरात्र के मौके पर माता के पास संतान की कामना की थी. उनकी मनोकामना पूरी होने के बाद उन्होंने नवरात्र के नौ दिनों तक वैष्णव तरीके से पूजा अर्चना शुरू की. धीरे धीरे इस मंदिर की ख्याति दूर दूर तक फैलने लगी. यहां भव्य मंदिर का भी निर्माण कराया गया है. वर्तमान में यहां पर वासंतिक नवरात्र के मौके पर माता के मंदिर में पूजा करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. खास बात यह है कि यहां पूजा संपन्न कराने वाले पुजारी व साधक दोनों परम वैष्णव होते हैं. यहां पर नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. रात में भजन का भी आयोजन किया जाता है. महाअष्टमी के मौके पर भगवती की पूजा के लिए श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ उमड़ती है. बेंगाबाद के अलावा बिहार के कई गांवों से यहां पर लोग पहुंचते हैं. यहां पर पूजा के बाद भव्य मेला का भी आयोजन किया जाता है. ये हैं सक्रिय इधर आयोजन को सफल बनाने में पंडित बीरेंद्र उपाध्याय, किशोरी तिवारी, महेंद्र पांडेय, महेश पांडेय, दिगंबर पांडेय, उपेंद्र पांडेय, राजेश पांडेय, राजेंद्र पांडेय, पप्पू पांडेय, पंकज पांडेय, दिलीप पांडेय, अनिल पांडेय, सोनू पांडेय, सुरेंद्र तिवारी, संतोष पाठक सहित पूरा पांडेय परिवार लगा हुआ है.

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