देवाशीष बादल ने कहा कि सवर्ण समाज का योगदान सशक्त राष्ट्र के निर्माण में हमेशा से रहा है. परंतु केंद्र की मौजूदा सरकार सवर्णों के प्रति दोहरी नीति अपना रही है. मोर्चा के सचिव सत्येंद्र सिंह ने संगठन की एकता तथा अधिक से अधिक लोगों के संगठन में समावेश के प्रति लोगों को प्रेरित करने की बात कही. रामावतार पांडेय ने कहा कि सवर्ण समाज भारतीय राजनीति की रीढ़ रही है. परंतु वर्तमान समय में इन्हें राजनीतिक हिस्सेदारी से दूर किया जा रहा है. वक्ताओं ने कहा यदि यूजीसी बिल वापस नहीं लेती है तो बाध्य होकर हम सभी सवर्ण सड़क से सदन तक सरकार का विरोध करेंगे. मोर्चा के सचेतक अमरनाथ सिंह, बैजनाथ सिंह, राजेश पांडेय, रामानुज सिंह, केदार पांडेय, रिंकू सिंह, अमित आनंद, पवन पांडेय, कुशकांत सिंह आदि ने संबोधित किया. मौके पर टिंकू शर्मा, अवध किशोर पांडेय, प्रहलाद सिंह, निखिल राज सिंह, ओम प्रकाश सिंह, संतोष सिंह, मनोज सिन्हा, नंदकिशोर पांडेय, संजीव सिंह, डॉ एच पी सिंह समेत काफी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे.