अभिभावकों ने पहले झंडा मैदान में बैठक कर अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन तैयार किया. फिर उन्होंने क्रमश: सदर एसडीएम, जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा उपायुक्त से मुलाकात कर अपनी बातें रखी. उन्हें लिखित ज्ञापन भी सौंपा. टीम में शामिल अभिभावकों ने अधिकारियों को बताया कि कैसे इन विद्यालयों के द्वारा उनके पढ़ने वाले बच्चों से अपने ही स्कूल में अगली कक्षा में प्रवेश करने पर रि-एडमिशन बोलकर पैसा लिया जा रहा है. किसी-किसी स्कूल में इसका नाम बदलकर राशि वसूली जा रही है. इसी तरह स्कूल ड्रेस और किताबें खरीदने के नाम पर भी मनमानी की जा रही है.
सरकार के निर्देश का नहीं हो रहा पालन
इस दौरान टीम को यह पता चला कि पिछले साल ही सभी स्कूलों को सरकार के मार्गदर्शन के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा फीस निर्धारण करने के लिए कमेटी बनाने का आदेश दिया था. अभी कुछ दिनों पूर्व भी इसका एक रिमाइंडर दिया गया है. लेकिन, कुछ स्कूलों को छोड़ शायद किसी ने भी इसका अनुपालन नहीं किया है. अधिकारियों ने अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल को लिखित शिकायत के आलोक में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. प्रतिनिधिमंडल में वीरेंद्र कुमार यादव, विनोद यादव, जीतू यादव, इनाम आलम, अजय कुमार, संजय चौधरी, चंदन कुमार, देवानंद हाजरा, अखिलेश राज आदि शामिल थे.