मैट्रिक परीक्षा के लिए जिले में कुल 55 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. इन केंद्रों पर कुल 5208 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, जिनमें से 5175 छात्र-छात्राएं परीक्षा में उपस्थित हुए, जबकि 33 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. वहीं इंटर परीक्षा के लिए जिले में कुल 55 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. इन केंद्रों पर कुल 3251 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, जिनमें से 3226 छात्र-छात्राएं परीक्षा में उपस्थित हुए, जबकि 25 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. परीक्षा केंद्रों पर समय से प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षार्थियों की गहन जांच तथा प्रवेश पत्र की सघन जांच की गई. परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी. वहीं उड़नदस्ता दल भी लगातार विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण करते रहे. परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा बीएनएस की धारा 163 लागू रही, जिससे अनावश्यक भीड़ और बाहरी तत्वों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगी रही.