भारतीय ज्ञान परंपरा और प्राचीन भारत में गणित के योगदान पर केंद्रित इस सत्र का विशेष आकर्षण आदर्श कॉलेज राजधनवार के प्राचार्य व प्रतिष्ठित गणितज्ञ डॉ बिमल कुमार मिश्रा का विद्वतापूर्ण व्याख्यान रहा. डॉ मिश्रा ने कहा : जब दुनिया विज्ञान की वर्णमाला से अनभिज्ञ थी, तब भारत ब्रह्मांड नाप रहा था.
भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा में आधुनिक विज्ञान की नींव
अपने व्याख्यान के क्रम में डॉ मिश्र ने कहा कि वेदोपनिषदों और प्राचीन ग्रंथों के दृष्टांत से बताया कि भारत के ऋषियों-मुनियों ने वेदों के ज्यामिति सूत्रों, आर्यभट्ट के शून्य, ब्रह्मगुप्त के सिद्धांतों और भास्कराचार्य की गणनाओं से पूरे ब्रह्मांड का भूगोल और खगोल नाप लिया था. इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य वक्ता आदर्श कॉलेज राजधनवार के प्राचार्य डॉ मिश्रा, प्राचार्या डॉ शालिनी खोवाला एवं डीएलएड प्रभारी डॉ हरदीप कौर ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर केएन बक्शी कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं कुछ प्रशिक्षु मौजूद रहे.