[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गिरिडीह ‘मैं हूं महेंद्र सिंह, कहिए क्या बात है?’ ये सुनते ही जब अपराधियों ने कॉमरेड का सीना गोलियों से कर दिया था छलनी

‘मैं हूं महेंद्र सिंह, कहिए क्या बात है?’ ये सुनते ही जब अपराधियों ने कॉमरेड का सीना गोलियों से कर दिया था छलनी

0
‘मैं हूं महेंद्र सिंह, कहिए क्या बात है?’ ये सुनते ही जब अपराधियों ने कॉमरेड का सीना गोलियों से कर दिया था छलनी
कॉमरेड महेंद्र सिंह

Comrade Mahendra Singh: बगोदर (गिरिडीह), कुमार गौरव-कौन हैं महेंद्र सिंह? चुनावी सभा में बाइक से पहुंचे हथियारबंद अपराधियों ने जब पूछा तो भीड़ से निकलकर उन्होंने अपना परिचय दिया था-मैं हूं महेंद्र सिंह, कहिए क्या बात है? बगोदर के पूर्व विधायक कॉमरेड महेंद्र सिंह के ये अंतिम शब्द थे. उन्होंने बिना डरे-सहमे, अपना परिचय दिया था. जवाब सुनते ही अपराधियों ने ताबड़तोड़ गोलियों से महेंद्र सिंह का सीना छलनी कर दिया था. वे जमीन पर गिर पड़े थे. कॉमरेड महेंद्र सिंह की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी थी. 16 जनवरी 2005 की ये घटना है. गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र के दुर्गी धवैइया में उनकी हत्या कर दी गयी थी. आज भी महेंद्र सिंह खेतों और खलिहानों में जिंदा हैं.

मजदूरों और शोषितों के रहनुमा थे महेंद्र सिंह


कॉमरेड महेंद्र सिंह किसानों, मजदूरों और शोषितों के रहनुमा थे. उनका जन्म 22 फरवरी 1954 को खंभरा में एक किसान परिवार में हुआ था. महेंद्र सिंह ने अपने गांव के स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी. उन्होंने आठवीं तक की शिक्षा ग्रहण की थी, लेकिन किताबों के शौकीन थे. उनके तर्क के सामने अच्छे-अच्छों की बोलती बंद हो जाती थी. राजनीतिक जीवन में व्यस्तता के बावजूद गजल, कविता, सिनेमा और अखबारों से उनका गहरा लगाव था. उनका जीवन सादगी से भरा था. उन्होंने अपनी विधायिकी के दौर में लोगों को बताया कि एक विधायक की सादगी क्या होती है? महज शर्ट, पैंट और एक जोड़ी चप्पल से अपने गांव से विधायक तक का सफर तय किया.

स्कूली जीवन से ही था बागी तेवर


15 साल की उम्र में स्कूली जीवन में ही कॉमरेड महेंद्र सिंह के बागी तेवर थे. स्कूल की किताबों को छोड़कर वे जल्द ही राजनीतिक जीवन में प्रवेश कर गए. अन्याय और शोषण के विरुद्ध अपने गांव के नौजवानों को संगठित कर वे शोषकों और जमींदारों की आंखों के कांटा बन गए थे. 1982 में उन्हें हत्या के एक झूठे मामले में गिरिडीड जेल में डाल दिया गया था. हालांकि, वह इस मामले में निर्दोष साबित हुए, लेकिन आंदोलन के प्रखर नेता के रूप में उन्होंने जेल में अच्छा भोजन नहीं मिलने पर थाली पीटो के तहत उन्होंने बंदियों को अधिकारों की लड़ाई लड़ना सिखाया. नतीजा ये हुआ कि जेलर को अच्छा भोजन देना पड़ा.

1990 में पहली बार पहुंचे विधानसभा


1985 में उन्होंने बगोदर विधानसभा का चुनाव लड़ा. वर्ष 1990 में उन्हें पहली बार विधानसभा चुनाव में जीत मिली. बगोदर विधानसभा का उन्होंने तीन बार प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने जनता को दिखाया कि विधायक भी एक आम इंसान होता है. पान गुमटी और अखबार की दुकान पर वो अक्सर मिला करते थे. गांव की आम भाषा में लोगों की बात सुनते थे और उनकी समस्याओं को दूर करते थे. यही कारण है कि मौत के बाद भी लोगों के जेहन में उनकी याद बनी हुई है. कॉमरेड महेंद्र सिंह आज भी खेतों और खलिहानों में जिंदा हैं. उन्होंने बगोदर की जनता को संघर्ष करना सिखाया. हर साल उनके शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि देने के लिए खंभरा गांव में बगोदर समेत पूरे झारखंड और बिहार से लोग पहुंचते हैं. उन्हें याद किया जाता है. उनके बताये रास्ते पर चलने का लोग संकल्प लेते हैं.

ये भी पढ़ें: Watch Video: कॉमरेड महेंद्र सिंह के शहादत दिवस पर होगी जनसंकल्प सभा, झारखंड के खंभरा और बगोदर में क्या है तैयारी?

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel