[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गिरिडीह वैकल्पिक व्यवस्था पर चल रहा है बिरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

वैकल्पिक व्यवस्था पर चल रहा है बिरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

0
वैकल्पिक व्यवस्था पर चल रहा है बिरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

बिरनी.

राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों खर्च करती है. लेकिन, इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाता है. कुछ ऐसा ही हाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरनी का भी है. यहां सरकार करोड़ों खर्च कर 30 बेड का अस्पताल बनवा दिया, डाक्टर भी नियुक्त किये गये, लेकिन उसका लाभ आम जनता को नहीं मिल रहा है. इसका परिणाम यह है कि ग्रामीण निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर मजबूर है. कहने को तो बिरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन यहां इलाज राम भरोसे होता है. केंद्र में चिकित्सक है, लेकिन काम नहीं करते हैं. छोटी-छोटी बीमारियों का इलाज करने वाले सीएचओ मरीजों का इलाज कर रहे हैं. लोगों को यह पता भी नहीं चलता है कि जो उनका इलाज कर रहे हैं, वह डॉक्टर हैं भी या नहीं.

केंद्र में एक महिला व तीन पुरुष चिकित्सक पदस्थापित

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत बीपीएम ने बताया गया कि अस्पताल में तीन पुरुष डॉ मो ताजुद्दीन, डॉ साकिब जमाल व डॉ कुलदीप तिर्की तथा एक महिला चिकित्सक डॉ वसीम फरहीन महजब पदस्थापित हैं. लेकिन, डॉ ताजुद्दीन को छोड़कर कोई भी चिकित्सक कार्य नहीं कर रहे हैं. सभी लोग छुट्टी पर चले गये हैं. डॉक्टर के नहीं रहने के कारण काफी दिक्कत होती है. समस्या को देखते हुए सीएचओ से कार्य लिया जा रहा है, इससे छोटी बीमारियों का इलाज हो जाता है.

डॉक्टर की नियुक्ति पर सुधरेगी व्यवस्था : सीएस

इस संबंध में सीएस डॉ एसपी मिश्रा ने कहा कि बिरनी में कार्यरत डॉ कुलदीप तिर्की जमुआ में कार्य कर रहे हैं. डॉ साकिब जमाल कुछ दिन पूर्व छुट्टी से वापस योगदान दिया है. वहीं, महिला चिकित्सक लगभग एक सप्ताह कार्य करने के बाद नहीं आ रही हैं. उनका अटेंडेंस भी नहीं लिया जा रहा है. चिकित्सक नहीं रहने के कारण सीएचओ से कार्य लिया जा रहा है. कहा कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था पर अस्पताल को फिलहाल चलाया जा रहा है. उम्मीद है कि अगले माह चिकित्सक को नियुक्त किया जायेगा. इसके बाद स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार संभव है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel