प्रमुख ने कहा कि स्कूल रूआर को सफल बनाने के लिए शिक्षकों के अलावा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी कार्य करना होगा. सभी जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के वैसे अभिभावकों से मिलें, जो अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजते हैं और उन्हें जागरूक करें. सीओ ने कहा कि सरकार की मंशा है कि सभी बच्चे स्कूल में पहुंचे. कहा कि सभी शिक्षक अपने विद्यालय में कार्यक्रमों को करायें. बीपीओ ने कहा कि 6-18 वर्ष के बच्चों को विद्यालय में नामांकन और बच्चों को विद्यालय में ठहराव के उद्देश्य स्कूल रूआर कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय स्तर पर 15 अप्रैल से होगी. विद्यालय में प्रतिदिन अलग-अलग तरह के कार्यक्रम होंगे. गांव टोला में प्रभात फेरी निकाल और अभिभावकों से मिलकर विद्यालय में नामांकन के लिए प्रेरित किया जायेगा. मौरे पर मुखिया दशरथ किस्कू, पंसस मोहन हाजरा, शंकर सिंह, झामुमो के भैरो वर्मा समेत विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, पिरामल फाउंडेशन के सदस्य व अन्य उपस्थित थे.