प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान में कर्मचारियों, मजदूरों और पेंशनभोगियों की घोर उपेक्षा की जा रही है. इससे उनके बीच असंतोष व्याप्त है. उन्होंने मजदूरों के अधिकारों के लिए बने कानूनों को बदलने पर चिंता जतायी. कहा कि इससे बैंक, बीमा और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण व विलय से आम जनता और कर्मचारियों को परेशानी होगी. श्री सिंह ने आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद 50 प्रतिशत डीए को वेतन और पेंशन में जोड़ने, अंतरिम राहत के भुगतान और पेंशन निर्धारण के फॉर्मूले पर सरकार की चुप्पी पर रोष व्यक्त किया. कोरोना काल के 18 माह के बकाया डीए पर सरकार के अड़ियल रुख की भी आलोचना की गयी. सभी स्तरों पर इस हड़ताल को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया गया. बैठक को मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रघुनंदन प्रसाद विश्वकर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष रूपलाल महतो व अशोक कुमार गोप ने भी संबोधित किया. उन्होंने सभी सदस्यों से एकजुट होकर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की. मो तैयब अंसारी, समीद खलीफा, रामेश्वर दास, सुखोन दास, रामेश्वर पांडेय, गोपाल पंडित, शैलजा पांडेय, शारदा पांडेय सहित काफी संख्या में मोर्चा के सदस्य मौजूद थे.