बच्चे को एक छोटी चादर पर सुलाकर सड़क के किनारे छोड़ दिया गया था. उसके पास दूध की एक बोतल भी रखी हुई थी, जबकि परिजन मौके पर से गायब थे. बच्चे के रोने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना गावां पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गावां पहुंचाया. चाइल्ड रेयर टीम को सौंपा अस्पताल में जांच के दौरान बच्चे को बार-बार मिर्गी के दौरे पड़ रहे थे. इसके बाद चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया. प्रभारी चिकित्सक डॉ नवीन कुमार ने बताया कि बच्चे में मिर्गी के लक्षण पाये गये. वहीं, उसके पैर में पोलियो जैसे लक्षण भी दिखायी दिए. इलाज के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार हुआ है. इसके बाद उसे गिरिडीह से पहुंची चाइल्ड केयर टीम के सदस्यों को सौंप दिया गया. पुलिस मामले की जांच तथा बच्चे के परिजनों की तलाश कर रही है.