[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गढ़वा खाली खेतों में फसलों की बुवाई जल्द कर लें : डॉ अशोक

खाली खेतों में फसलों की बुवाई जल्द कर लें : डॉ अशोक

0
खाली खेतों में फसलों की बुवाई जल्द कर लें : डॉ अशोक

कृषि विज्ञान केंद्र गढ़वा के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अशोक कुमार ने कहा है कि अगले 10 दिनों में भी हल्के से मध्यम वर्षा का अनुमान है. अब धान, मक्का, मड़ुवा, मूंगफली, तिल, उरद व मूंग फसलों की रोपाई या बुवाई का समय समाप्त हो चुका है. पर अरहर, कुल्थी एवं सरगुजा (जटनी) की बुवाई का समय बचा हुआ है. अतः सभी किसान खाली खेतों में इन फसलों की बुवाई जल्द से जल्द कर लें. उन्होंने किसानों को अरहर की बुवाई के लिए बीज दर अब बढ़ा कर रखने की सलाह देते हुए कहा कि प्रति एकड़ अरहर की 12 से 13 किलोग्राम बीज की बुवाई करें. यदि लाइन में करते हैं, तो लाइन की दूरी घटाकर 1.5 से 2 मीटर रखें. उन्होंने धान फसल में खर-पतवार के प्रबंधन के लिए रोपाई या बुवाई के 25 दिन बाद बिसपायरीबेक सोडियम 0.5 से 0.75 मिली लीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करने की बात कही है. साथ ही मक्का की फसल में खर-पतवार प्रबंधन के लिए टेंबोट्रीन आधा लीटर प्रति एकड़ की दर से बुवाई के 25 दिन बाद छिड़काव करने को कहा है. प्रधान कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि किसान शुद्ध अरहर फसल में खर-पतवार प्रबंधन के लिए ईमाजेथाइपर 400 मिली लीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर बुवाई के 20-25 दिन के बाद छिड़काव करें. जबकि धान एवं मक्का में प्रति एकड़ 25 से 30 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ की दर से ऊपर से छिड़काव करें. इसी तरह से उन्होंने टांड़ फसलों में मक्का, अरहर, उरद, मूंग, मूंगफली, तिल एवं सब्जियों में पानी निकासी की व्यवस्था बनाये रखने की सलाह दी है. उन्होेंने कहा कि मौसम थोड़ा साफ होने पर कीट एवं बीमारी का प्रकोप बढ़ेगा. इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से सलाह लेकर उचित दवा का छिड़काव करें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel