[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गढ़वा अनुदानित दर पर सूकर का किया गया वितरण

अनुदानित दर पर सूकर का किया गया वितरण

0
अनुदानित दर पर सूकर का किया गया वितरण

भंडरिया. भंडरिया प्रखंड मुख्यालय में पशुपालन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पशुपालक अनूप केरकेट्टा को 90 प्रतिशत अनुदान पर सुकर पालन इकाई प्रदान की गयी. इस योजना के अंतर्गत लाभुक को कुल पांच सूअर दिये गये, जिसमें चार मादा एवं एक नर सूअर शामिल हैं. इस अवसर पर भंडरिया पशुपालन विभाग के चिकित्सक डॉ. रंजीत कुमार डे ने बताया कि राज्य सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देकर लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है. उन्होंने कहा कि लाभुक अनूप केरकेट्टा दिव्यांग हैं, इसलिए उन्हें विशेष प्रावधान के तहत 90 प्रतिशत अनुदान पर योजना का लाभ दिया गया है.डॉ. डे ने बताया कि विभाग की ओर से सूअरों का बीमा, नियमित इलाज, दवा, वैक्सीनेशन एवं पौष्टिक आहार की व्यवस्था भी उपलब्ध करायी जा रही है, ताकि पशुपालकों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे बेहतर ढंग से सूकर पालन कर अपनी आय बढ़ा सकें.उन्होंने ग्रामीणों से सरकार की पशुधन विकास योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि पशुपालन स्वरोजगार का एक बेहतर माध्यम बन सकता है. इससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel