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भंडरिया और बड़गड़ में लागू होगी पेसा नियमावली, ग्राम सभाएं होंगी और शक्तिशाली

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भंडरिया और बड़गड़ में लागू होगी पेसा नियमावली, ग्राम सभाएं होंगी और शक्तिशाली

प्रतिनिधि, गढ़वा

नियमावली-2025 (पेसा नियमावली) के प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया. यह नियमावली गढ़वा जिले के अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भंडरिया और बड़गड़ प्रखंडों में लागू की जायेगी. कॉन्फ्रेंस में पेसा नियमावली के प्रावधान, स्थानीय संसाधनों पर सामुदायिक अधिकार, पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण और ग्राम सभाओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई. उपायुक्त ने कहा कि यह नियमावली अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी और स्थानीय समुदायों के अधिकार सशक्त बनाने की ऐतिहासिक पहल है. उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमावली को गंभीरता से समझें और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए समन्वय करें. उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू ने कहा कि पेसा नियमावली ग्राम स्वशासन को मजबूत करती है और विकास योजनाओं की सफलता स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर है. उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि ग्राम सभाओं को सक्रिय बनाने के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास करें. अपर समाहर्ता विकास कुमार राय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सामाजिक न्याय के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जायेगा, ताकि गांव-गांव तक नियमावली की जानकारी पहुंचे.

नियमावाली के कानूनी व तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी

कॉन्फ्रेंस में राज्य स्तर के विशेषज्ञों ने नियमावली के कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी. इस अवसर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी (सामाजिक वानिकी), भंडरिया व बड़गड़ के बीडीओ और अंचल अधिकारी, भवन प्रमंडल व लघु सिंचाई के कार्यपालक अभियंता, जिला खनन पदाधिकारी, जिला उत्पाद अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कृषि उत्पाद बाजार समिति के सचिव, जेएसएलपीएस और जिला पंचायत राज के अधिकारी उपस्थित थे.

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