[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गढ़वा प्रभु से कुछ मांगना है, तो सिर्फ सद्बुद्धि मांगे

प्रभु से कुछ मांगना है, तो सिर्फ सद्बुद्धि मांगे

0
प्रभु से कुछ मांगना है, तो सिर्फ सद्बुद्धि मांगे

गढ़वा. आर्य समाज गढ़वा का वार्षिकोत्सव शनिवार को शुरू हुआ. डीएवी मॉडल स्कूल के प्रांगण में हरिद्वार से पधारे आचार्य श्रीकृष्ण देवजी के नेतृत्व में पहले दिन परंपरा के अनुसार यज्ञ कराया गया. इसके बाद यज्ञ के मुख्य यजमान के रूप में आर्य समाज के प्रधान नंदकुमार गुप्ता एवं लता गुप्ता ने अपनी आहुति दी. इसके साथ ही साथ निर्मल केसरी, गीता केसरी, सुशील केसरी, पूनम देवी, कृष्ण गोपाल आर्य व अनीता देवी सहित काफी संख्या में स्कूल के बच्चे शामिल हुए. इस अवसर पर चंडीगढ़ से पधारे संगीत सम्राट पंडित उपेंद्र आर्य ने यज्ञ के उपरांत सुंदर भजन से सब का मन मोहा. उन्होंने ईश्वर की व्याख्या करते हुए बताया कि ओम प्रभु का प्यारा नाम है, ओम ही ब्रह्मा, ओम ही विष्णु और ओम ही महेश है. ऋषि मुनियों ने ओम की गाथा गायी है… उन्होंने भजन चंचल मन चल ओम शरण में की प्रस्तुति की. कहा कि यदि प्रभु से कुछ मांगना है, तो सिर्फ सद्बुद्धि मांगे. उन्होंने माता-पिता और गुरु को देव तुल्य बताया. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम प्रतिदिन अपने माता-पिता और गुरु को प्रणाम करते थे और उनका आशीर्वाद लेते थे. मौके पर आर्य समाज के प्रधान नंदकुमार गुप्ता ने बताया कि वार्षिकोत्सव 20 नवंबर तक चलेगा. इसमें प्रातः आठ बजे से नौ बजे तक यज्ञ तथा नौ बजे से 10 बजे तक भजन का कार्यक्रम होगा. वहीं प्रतिदिन संध्या सात बजे से 8:30 बजे तक भजन एवं 8:30 से नौ बजे तक वेदोपदेश का कार्यक्रम किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel