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फाइलेरिया दिव्यांगता बढ़ाने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोग

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फाइलेरिया दिव्यांगता बढ़ाने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोग

गढ़वा. गढ़वा के आकांक्षी प्रखंड मझिआंव में शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी कनक की अध्यक्षता में प्रखंड स्तरीय समन्वयक समिति की बैठक हुई. फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एमडीए कार्यक्रम को लेकर आयोजित इस बैठक में प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉ गोविंद प्रसाद सेठ ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फाइलेरिया दुनिया भर में दिव्यांगता और विरूपता बढ़ाने वाला दूसरा सबसे बड़ा रोग है. इस रोग की वजह एक पैरासाइट है, जो धागे के समान दिखाई देनेवाले निमेटोड कीड़ों के शरीर में प्रवेश करने की वजह से होता है. यह बीमारी संक्रमित क्यूलेक्स मादा मच्छर के काटने से होता है. हाथी पांव के नाम से जाना जाता है : भारत में इसे सामान्य तौर पर हाथी पांव के नाम से जाना जाता है. इसलिए कि इस रोग में व्यक्ति का पांव हाथी के पांव की तरह हो जाता है. संक्रमण से बचाव के लिए सरकार प्रत्येक वर्ष एमडीए कार्यक्रम के तहत दवा खिलाती है, जिसे हर व्यक्ति को खाना जरूरी है. सिर्फ दो वर्ष से छोटे बच्चे, गर्भवती महिला और अत्यंत बीमार व्यक्ति को दवा नहीं खानी है. अगर कोई भी व्यक्ति दवा खाने से चूकते हैं, तो उन्हें संक्रमित होने की आशंका बनी रहती है, समन्वय व सहयोग की बात : इस दौरान पिरामल फाउंडेशन से सीनियर प्रोग्राम लीड कामेश कुमार ने जेएसएलपीएस, शिक्षा विभाग, पंचायती विभाग व आइसीडीएस सहित सभी विभागों से समन्वय के साथ इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहयोग देने की बात कही. बीडीओ ने नगर पंचायत और पंचायत में चलने वाली कूड़ा गाड़ी में फाइलेरिया संबंधी ऑडियो चलाकर प्रचार-प्रसार करने को कहा. इस दौरान एमडीए राउंड को लेकर मुखिया को प्रशिक्षण भी दिया गया. इसमें बीडीओ ने सभी मुखिया की भूमिका पर चर्चा की और इस प्रोग्राम को सफल बनाने में सहयोग देने को कहा. उपस्थित लोग : कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से एमओआईसी, बीडीएम, एमटीएस, आईसीडीएस से महिला पर्यवेक्षिका, शिक्षा विभाग से बीपीओ, पंचायती राज विभाग से बीपीआरओ व पिरामल फाउंडेशन की टीम के साथ सभी मुखिया उपस्थित थे.

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