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दो दशक बाद भी डंडई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं पहुंची बिजली

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दो दशक बाद भी डंडई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं पहुंची बिजली

प्रतिनिधि, डंडई

डंडई प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के करीब दो दशक बाद भी अस्पताल में बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी है. अस्पताल पूरी तरह सोलर लाइट के भरोसे संचालित हो रहा है. बिजली नहीं रहने के कारण रात में प्रसव कराने आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कई बार अंधेरे में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराना पड़ता है, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. ग्रामीणों ने बताया कि सोलर सिस्टम भी कई बार काम करना बंद कर देता है. ऐसे में पूरा अस्पताल अंधेरे में डूब जाता है. बिजली नहीं रहने से नवजात शिशुओं के लिए जरूरी दवाइयों और टीकाकरण व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है. प्रसव के बाद पोलियो ड्रॉप समेत अन्य जरूरी टीकाकरण के लिए मरीजों को करीब 10 किलोमीटर दूर मेराल स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है. ग्रामीण कन्हैया प्रजापति, रोहित कुमार दास और विवेकानंद कुशवाहा सहित अन्य लोगों ने बताया कि अस्पताल मुख्य बाजार से करीब एक किलोमीटर दूर एकांत स्थान पर स्थित है. रात में समुचित रोशनी नहीं रहने से मरीज, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं. अस्पताल भवन और चारदीवारी भी धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक माह पूर्व क्षेत्रीय विधायक ने अस्पताल में जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक विभागीय स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है.

गर्मी में पंखा तक नहीं चला पा रहेः एमपीडब्ल्यू

एमपीडब्ल्यू यशवंत कुमार ने बताया कि बिजली नहीं रहने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को भारी परेशानी हो रही है. भीषण गर्मी में पंखा और कूलर तक नहीं चल पा रहे हैं.

कई बार कनेक्शन के लिए दिया गया है आवेदनः डॉ वीरेंद्र

चिकित्सा प्रभारी डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बिजली कनेक्शन के लिए कई बार आवेदन दिया जा चुका है. बिजली पोल लग चुका है. तार और ट्रांसफार्मर लगते ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जायेगी.

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