[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड गढ़वा सुरक्षित वन क्षेत्र में हाथियों का आतंक, तीन बाइक की क्षतिग्रस्त

सुरक्षित वन क्षेत्र में हाथियों का आतंक, तीन बाइक की क्षतिग्रस्त

0
सुरक्षित वन क्षेत्र में हाथियों का आतंक, तीन बाइक की क्षतिग्रस्त

बालचौरा–अंबाखोरया मुख्य मार्ग पर हाथियों ने मचाया उत्पात प्रतिनिधि, धुरकी प्रखंड के सुरक्षित वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक चरम पर पहुंच गया है. बुधवार को बालचौरा–अंबाखोरया मुख्य मार्ग पर हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया. जानकारी के अनुसार, कनहर तटीय बालचौरा जंगल क्षेत्र से निकलकर हाथियों का झुंड अचानक मुख्य सड़क पर आ धमका. इसी दौरान छत्तीसगढ़ से नगर उंटारी की ओर जा रहे मोटरसाइकिल सवार राहगीरों पर हाथियों ने हमला कर दिया. विशालकाय हाथियों को सामने देखकर मोटरसाइकिल चालकों के हाथ-पांव फूल गये और वे अपनी बाइकें सड़क पर ही छोड़कर जान बचाने के लिए जंगल की ओर भाग निकले. गनीमत रही कि सभी राहगीर सुरक्षित बच गये. हालांकि, गुस्साए हाथियों ने सड़क पर खड़ी तीन मोटरसाइकिलों को पैरों से कुचलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों ने आसपास के जंगल क्षेत्र में भी जमकर उत्पात मचाया और कई कीमती पेड़ों को उखाड़कर भारी नुकसान पहुंचाया. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के सिमटने के कारण हाथियों का पारंपरिक गलियारा (कॉरिडोर) बाधित हो गया है. भोजन और पानी की तलाश में अब हाथी रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों की ओर रुख कर रहे हैं. कनहर तटीय क्षेत्र में रहने वाले किसानों और ग्रामीणों के लिए खेतों में जाना या सड़क पर आवागमन करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है. घटना के बाद से क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाए, उन्हें सुरक्षित तरीके से रिहायशी इलाकों और सड़कों से दूर खदेड़ा जाये तथा जंगल संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जायें, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel