East Singhbhum News : नये लेबर कोड से मजदूरों को असुरक्षित माहौल देने की साजिश : बीएन सिंहदेव

काला बिल्ला लगाकर केंद्र सरकार की नीतियों का जताया विरोध

By ATUL PATHAK | February 12, 2026 11:44 PM

घाटशिला. केंद्र सरकार के चार श्रम कानूनों (लेबर कोड) के विरोध में गुरुवार को मऊभंडार स्थित एचसीएल/आइसीसी कारखाना गेट पर मजदूरों ने प्रदर्शन किया. संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा (एआइटीयूसी/आइएनटीयूसी/जेसीएमयू) के तत्वावधान में विरोध जताया गया. सुबह 8:15 से 9:00 बजे तक मजदूरों और यूनियन पदाधिकारियों ने हाथों पर काला बिल्ला बांधकर आक्रोश जताया. इस दौरान मजदूर एकता जिंदाबाद, ””””चार लेबर कोड रद्द करो, न्यूनतम मजदूरी 26 हजार लागू करो और ””””मऊभंडार कारखाना में उत्पादन शुरू करो जैसे नारे लगे. कार्यक्रम का संचालन संतोष दास ने किया. आइसीसी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष बीएन सिंहदेव ने कहा कि चार लेबर कोड मजदूरों के हितों के साथ खिलवाड़ है. इन कानूनों के जरिए सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर कर निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है. मजदूरों का रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और उनके संवैधानिक अधिकार प्रभावित होंगे. यह लेबर कोड मजदूरों को असुरक्षित बनाने की बड़ी साजिश है.

पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का खेल: ओम प्रकाश सिंह

यूनियन के महासचिव ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के नाम पर श्रम कानूनों को कमजोर किया जा रहा है. इसका उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को खत्म कर पूंजीपतियों को मनमानी छूट देना है. संवैधानिक अधिकारों पर हमला.

सनत काल्टू चक्रवर्ती ने लेबर कोड को संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया. उन्होंने कहा कि संगठित मजदूर आंदोलन सत्ता को पीछे हटने पर मजबूर कर सकता है. भुवनेश्वर तिवारी ने मजदूरों से संगठित रहकर संघर्ष को और तेज करने का आह्वान किया. देवी प्रसाद मुखर्जी ने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियां मजदूर और किसान दोनों के खिलाफ हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.

ये मौजूद रहे

इस विरोध-प्रदर्शन में एनके राय, विमलेश कुमार, काशु हांसदा, मुनीब शर्मा, अप्पू चौधरी, संजय सिंह, महमूद अली, संजीव घोष, बाबू राव, शंकर बांद्रा, प्रकाश शर्मा, दिनेश कुमार सिंह, बापी सिंह सहित संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के कई पदाधिकारी व मजदूर उपस्थित थे.