[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड पूर्वी सिंहभूम East Singhbhum News : चिंता : बंटाईदार किसान कैसे बेचेंगे धान, कहां से लायेंगे जमीन के कागज

East Singhbhum News : चिंता : बंटाईदार किसान कैसे बेचेंगे धान, कहां से लायेंगे जमीन के कागज

0
East Singhbhum News : चिंता : बंटाईदार किसान कैसे बेचेंगे धान, कहां से लायेंगे जमीन के कागज

गालूडीह. सरकारी स्तर पर धान खरीद की घोषणा के बाद बंटाइदार किसान चिंतित हैं. वे लैंपसों में धान कैसे बेचेंगे? जमीन का कागज मालिक के पास होता है. बंटाईदार किसान सिर्फ जमीन लीज (बंटाई) पर लेकर खेती करते हैं. लैंपसों में धान बेचने के लिए किसानों को जमीन का कागजात देना होता है. वर्तमान में बंटाईदारों की संख्या अधिक है, जो बड़े जमींदारों से जमीन लीज (बंटाई) में लेकर खेती करते हैं. वे सरकारी केंद्र में बेच नहीं पाते हैं. इसमें अधिक भूमिहीन और छोटे स्तर के किसान शामिल होते हैं. किसान सभा के नेता दुलाल चंद्र हांसदा ने कहा कि यह बड़ी समस्या है. इसपर सरकार और प्रशासन को ध्यान देना चाहिए. जमीन मालिक को चाहिए कि वह लिखकर लैंपस में दें, ताकि बंटाईदारों को धान का समर्थन मूल्य मिल सके. किसान सभा के नेता दुलाल चंद्र हांसदा ने कहा कि सरकार ने धान का समर्थन मूल्य देने की घोषणा कर दी, पर कब से खरीदी होगी, यह नहीं बताया. इससे किसान में ऊहापोह की स्थिति है. पिछले वर्ष 15 दिसंबर से लैंपसों में धान खरीदी शुरू हुई थी. इस बार धान का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2450 की घोषणा की गयी.

पिछले साल से प्रति क्विंटल 50 रुपये ज्यादा मिलेंगे:

पिछले साल सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल और 100 रुपये बोनस के साथ प्रति क्विंटल 2400 रुपये भुगतान किया था. इस बार प्रति क्विंटल धान का दाम 2369 तय किया गया है. बोनस प्रति क्विटल 81 रुपये. कुल मिलाकर प्रति क्विंटल 2450 रुपये देने की घोषणा की गयी है. पिछले साल की तुलना में किसानों को प्रति क्विंटल 50 रुपये अधिक मिलेंगे. हालांकि इस बार धान बेचने वाले किसानों को 48 घंटे के अंदर पूरी राशि भुगतान की बात कही गयी. पिछले वर्ष धान बेचने पर 50 प्रतिशत तुरंत और 50 प्रतिशत राशि किसी को छह माह तो किसी एक साल बाद मिली थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel