[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड पूर्वी सिंहभूम बागबेड़ा-कीताडीह क्षेत्र के 90 प्रतिशत चापाकल फेल, भूगर्भीय जलस्तर 700-800 फीट पर पहुंचा

बागबेड़ा-कीताडीह क्षेत्र के 90 प्रतिशत चापाकल फेल, भूगर्भीय जलस्तर 700-800 फीट पर पहुंचा

0
बागबेड़ा-कीताडीह क्षेत्र के 90 प्रतिशत चापाकल फेल, भूगर्भीय जलस्तर 700-800 फीट पर पहुंचा

जमशेदपुर.

भीषण गर्मी ने लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. घरों में भी रहना मुश्किल हो गया है. वहीं दूसरी ओर पानी की किल्लत ने परेशानी बढ़ा दी है. भू-गर्भीय जलस्तर पाताल पहुंच गया है. दोहरी मार से आम और खास दोनों परेशान हैं. शुक्रवार को ग्राम विकास संघर्ष समिति के बैनर तले पूर्व जिला परिषद सदस्य किशोर यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पानी की समस्या को लेकर उपायुक्त अनन्य मित्तल से मिला. किशोर यादव उन्हें बताया कि बागबेड़ा, कीताडीह व घाघीडीह क्षेत्र में पानी की विकराल समस्या है. क्षेत्र में 90 प्रतिशत चापाकल फेल गये हैं. भूमिगत जलस्तर 700 से 800 फीट नीचे चला गया है. पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए बागबेड़ा जलापूर्ति योजना का काम निर्माण हो रहा है, लेकिन निर्माण कार्य की गति इतनी धीमी है कि नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी जलापूर्ति योजना का काम पूर्ण नहीं हुआ है. उन्होंने उपायुक्त को बताया कि जलापूर्ति योजना की धीमी गति से चल रहे काम में तेजी लाने की जरूरत है, अन्यथा वर्तमान में जिस गति से काम हो रहा है, उस गति से काम हो, तो अगले पांच साल में भी जलापूर्ति योजना का पूर्ण होना संभव नहीं है. बस्तीवासियों ने डीसी को मौखिक शिकायत करने के बाद एक मांग पत्र भी सौंपा. प्रतिनिधिमंडल में श्याम किशोर, रामदेव शर्मा, आरबी शर्मा, अशोक सिंह, धर्मेंद्र यादव आदि शामिल थे.

लोग नदी का पानी पीने को विवश

बस्तीवासियों ने बताया कि बस्तीवासी फिलहाल रेलवे की फटी पाइपलाइन से निकल रहा पानी व नदी का पानी पीने को मजबूर हैं. उनके पास इतनी आमदनी भी नहीं है कि प्रतिदिन पानी को खरीदकर पी सके. स्थानीय कंपनियों की मदद से कई जगहों पर टैंकर से आपूर्ति की जा रही है, लेकिन वह भी नाकाफी है. टैंकर से एक जगह प्रतिदिन पानी मुहैया करा पाना संभव नहीं है.

डीसी ने टैंकरों की संख्या बढ़ाने की आश्वासन दिया

डीसी अनन्य मित्तल ने बस्तीवासियों को आश्वासन दिया कि बागबेड़ा जलापूर्ति योजना का काम तेजी से कराया जायेगा. इसके लिए जलापूर्ति विभाग व एजेंसी के साथ बातचीत करेंगे. फिलहाल भीषण गरमी को देखते हुए टैंकरों की संख्या को बढ़ाया जायेगा. ताकि लोगों को कम से कम पीने का पानी अवश्य मिले. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन लोगों की समस्या के प्रति गंभीर है. समस्या का हल हरहाल में निकाला जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel