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Home झारखण्ड पूर्वी सिंहभूम ओडिशा की टीम ने गालूडीह बराज व दायीं नहर की व्यवस्था दुरुस्त पायी

ओडिशा की टीम ने गालूडीह बराज व दायीं नहर की व्यवस्था दुरुस्त पायी

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ओडिशा की टीम ने गालूडीह बराज व दायीं नहर की व्यवस्था दुरुस्त पायी
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गालूडीह. ओडिशा के अभियंताओं की एक टीम गुरुवार की दोपहर में गालूडीह (घाटशिला) पहुंची. सुवर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के गालूडीह बराज और मुख्य दायीं नहर का निरीक्षण किया. टीम में ओडिशा के एडिशनल चीफ इंजीनियर अमियो कुमार साहू, अधीक्षण अभियंता सुरेश बेहरा, संतोष कुमार दास, प्रताप दास, एसडीओ जगन्नाथ सिंह, जेई जगन्नाथ पात्र आदि शामिल थे. वहीं, गालूडीह बराज अंचल के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार समेत कई अभियंता शामिल थे. टीम ने गालूडीह बराज के सभी 18 गेट और मरम्मत कार्यों को देखा. कंट्रोल रूम की व्यवस्था देखी. ऑटोमेटिक सिस्टम सुचारू रूप से काम कर रहा या नहीं टेस्ट किया. टीम ने कहा कि डैम में पानी रोकने के पहले गेट को नीचे गिरा कर जांच करने की जरूरत है. कहीं लीक तो नहीं हो रहा? कहीं कोई खराबी पाये जाने पर दोबारा दुरुस्त किया जायेगा. टीम ने मरम्मत कार्य में जुटी ठेका कंपनी के अभियंता प्रभाकर झा से जानकारी ली. ओडिशा की टीम ने मॉक ड्रिल में सब कुछ बेहतर पाया. टीम यहां से चांडिल डैम रवाना हुई.

11 करोड़ रुपये दुरुस्त हो रहा बराज, ओडिशा दे रही 86% राशि

गालूडीह बराज को 11 करोड़ रुपये से दुरुस्त हो रहा है. इसमें 86 प्रतिशत राशि ओडिशा सरकार दे रही है. झारखंड सिर्फ 14 प्रतिशत खर्च कर रहा है. ओडिशा सरकार बराज और दायीं नहर को लेकर गंभीर है. चूंकि, गालूडीह बराज और दायीं नहर से ओडिशा को अधिक लाभ मिलता है. बराज में पानी स्टोर कर दायीं नहर में छोड़ा जाता है, जो ओडिशा तक जाता है. खरीफ में धान की खेती के लिए दायीं नहर से ओडिशा को हर साल पानी मिलता है. मॉनसून शुरू होने के पहले ओडिशा की टीम आश्वस्त होना चाहती है कि कहीं कोई खामी तो नहीं है. गालूडीह बराज अंचल के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि ओडिशा टीम मॉक ड्रिल करने आयी थी. आश्वस्त होकर यहां से चांडिल गयी.

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