[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड पूर्वी सिंहभूम East Singhbhum News : एकमात्र जर्जर कमरा में होती पहली से पांचवीं तक पढ़ाई, डरे-सहमे रहते हैं बच्चे

East Singhbhum News : एकमात्र जर्जर कमरा में होती पहली से पांचवीं तक पढ़ाई, डरे-सहमे रहते हैं बच्चे

0
East Singhbhum News : एकमात्र जर्जर कमरा में होती पहली से पांचवीं तक पढ़ाई, डरे-सहमे रहते हैं बच्चे

डुमरिया.

डुमरिया प्रखंड के सुदूर गांवों के प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब हो रही है. आस्ताकवाली पंचायत के प्राथमिक विद्यालय भागावेड़ा का भवन पूरी तरह जर्जर है. इस भवन में तीन कमरे हैं. एक कमरा में कार्यालय है. एक कमरा में बच्चों की कक्षाएं चलती हैं. तीसरे कमरे में विद्यालय के टूटे-फूटे सामान रखे गये हैं. कमरे की छत का छज्जा टूट कर गिर रहा है. एक कमरे में पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाया जाता है.

शौचालय का आधा हिस्सा धंसा

विद्यालय का किचेन शेड व्यवस्थित है, लेकिन शौचालय का आधा हिस्सा धंस गया है. विद्यालय में चहारदीवारी नहीं है. विद्यालय में एकमात्र शिक्षक रामचंद्र मार्डी पदस्थापित हैं. रामचंद्र मार्डी ने बताया कि यहां 24 विद्यार्थी नामांकित हैं. भवन जर्जर है. इसी जर्जर भवन में बच्चों को पढ़ाना हमारी मजबूरी है. जर्जर भवन की सूचना विभाग को दी गयी है. यहां विद्यालय की विभिन्न रिपोर्ट बनाने के साथ एक से पांच तक के विद्यार्थियों को पढ़ाना काफी मुश्किल काम है. ऐसे में हरेक बच्चों के साथ न्याय करना सम्भव नहीं हैं. डुमरिया प्रखंड के इस तरह के विद्यालयों की सुधार की आवश्यकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel