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Home झारखण्ड पूर्वी सिंहभूम East Singhbhum News : परंपरा व संस्कृति आदिवासियों की पहचान, इसे बचायें : मंत्री

East Singhbhum News : परंपरा व संस्कृति आदिवासियों की पहचान, इसे बचायें : मंत्री

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East Singhbhum News : परंपरा व संस्कृति आदिवासियों की पहचान, इसे बचायें : मंत्री

गालूडीह. घाटशिला प्रखंड की हेंदलजुड़ी पंचायत के राजाबासा गांव के कंकाडीह में बुधवार को वीर बाहा सागेन साकाम क्लब राजाबासा की ओर से मां मोड़े पूजा पर लांगड़े नाच समेत कई पारंपरिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के स्कूली शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन मंत्री रामदास सोरेन शामिल हुए. समारोह में रामदास सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति के पूजक हैं. जल, जंगल, जमीन नहीं बचेगा, तो आदिवासी समाज नहीं बचेगा. आदिवासी समाज की अपनी परंपरा, संस्कृति, कला, भाषा, रहन-सहन है. इसको दरकिनार नहीं किया जा सकता. समाज में आज कुछ हद तक भटकाव आया जरूर है, पर आज भी समाज के बुजुर्ग अपनी परंपरा-संस्कृति बचाये हुये हैं. समाज के युवा पीढ़ी को परंपरा और संस्कृति की सीख देने की जरूरत है. ताकि आने वाली पीढ़ी अपने सामाजिक व्यवस्था, परंपरा और संस्कृति को बचाये रख सके. मौके पर रामदास सोरेन ने लांगड़े नाच दल के साथ मांदर-धमसे की थाप पर थिरक कर और लोगों का उत्साह बढ़ाया.

लांगड़े नाच प्रतियोगिता में विजेता टीम पुरस्कृत, लोगों में दिखा उत्साह

लांगड़े नाच प्रतियोगिता में विभिन्न जगहों से पारंपरिक लोक कला दल की टीम शामिल हुईं. विजेता को मंत्री ने पुरस्कृत किया. लांगड़े नाच में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान लाने वाले को ड्रेसिंग टेबुल देकर पुरस्कृत किया गया. प्रथम पुरस्कार रूपाली हांसदा बाघुड़िया, द्वितीय पुरस्कार शांति सोरेन जादूगोड़ा और तृतीय पुरस्कार लक्ष्मी हांसदा हलुदबनी एवं चौथा पुरस्कार अनुप्रिया हांसदा पाथरगोड़ा को मिला.

वहीं, चौथे से सातवें स्थान पर रही टीमों को कांसा का लोटा दिया गया. 8वें से 12वें स्थान पर रही टीम को टेबुल फैन देकर पुरस्कृत किया गया. 13वें स्थान पर रही टीम को हीटर दिया गया. जबकि 14वें स्थान से 45 वें स्थान पर ही टीम कुल 32 कलाकारों को साड़ी देकर पुरस्कृत किया गया. कार्यक्रम को सफल बनाने में वीर बाहा सागेन साकाम क्लब राजाबासा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अहम भूमिका निभायी. मौके झामुमो प्रखंड अध्यक्ष वकील हेंब्रम, कालीपद गोराई, दुर्गाचरण मुर्मू, दुर्गा मुर्मू, जुझार सोरेन, विमल मार्डी, मंटू महतो, रंजीत कोईरी समेत अनेक ग्रामीण उपस्थित थे.

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