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Home झारखण्ड पूर्वी सिंहभूम राष्ट्र की प्रगति के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली आवश्यक : डॉ सुनील

राष्ट्र की प्रगति के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली आवश्यक : डॉ सुनील

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राष्ट्र की प्रगति के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली आवश्यक : डॉ सुनील
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गालूडीह. सालबनी स्थित यामिनी कल्याणी महतो कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड कॉमर्स सभागार में मंगलवार को विशिष्ट व्याख्यान के तहत शृंखला के द्वितीय संस्करण का आयोजन किया गया. व्याख्यान शृंखला का विषय था ””””भारतीय ज्ञान प्रणाली””””. प्राचार्य डॉ आर श्रीकांत नायर ने व्याख्यान का शुभारंभ किया. कार्यक्रम में कोल्हान विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सुनील मुर्मू मुख्य वक्ता थे. कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्राचार्य नायर द्वारा विशिष्ट व्याख्यान के बारे में जानकारी दी गयी. डॉ सुनील मुर्मू ने कहा कि 2025 तक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) 15 लाख शिक्षकों को भारतीय ज्ञान परंपरा के तहत प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है. भारत ज्ञान पद्धति के विषय में समझाया और भारतीय ज्ञान की शाखाओं के बारे में विस्तार से बताया. कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में छात्रा रंजीत महतो तथा अतिया परवीन ने अमृता सेन द्वारा लिखित पुस्तक ””””द अरगुमेंटेटिव इंडियन”””” के अनुभवों को साझा किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में जेकेएम बीएड कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ मौसमी महतो, सुशांति कुमारी, दुलीरानी मुर्मू, विनिता टुडू, विवेक कुइला, कविता धारा, अनु मिश्रा, सुषमा अर्चना टोपनो, स्वाति गुप्ता एवं रोजी कुमारी ने अहम भूमिका निभायी. जेकेएम बीएड से डॉ पूनम कुमारी, डॉ आशा वर्मा, श्यामली दत्ता, बसंत पंडित, तारा महतो, डाॅ नंदन दास, पुनम टुडू, प्रीति कुमारी, अंगना सरकार एवं जेकेएम कॉलेज और जेके बीएड कॉलेज के सभी विद्यार्थी उपस्थित थे. कार्यक्रम का आयोजन को-ऑर्डिनेटर गीताश्री कालिंदी के मार्गदर्शन में किया गया. संचालन बीएड सेमेस्टर-1 की रंजना शर्मा और प्रिया बेरा ने किया. धन्यवाद ज्ञापन मनीषा महतो ने किया.

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