[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड पूर्वी सिंहभूम जंगल बचाने के लिए कम से कम एक पौधा जरूर लगायें, अगजनी नहीं करें

जंगल बचाने के लिए कम से कम एक पौधा जरूर लगायें, अगजनी नहीं करें

0
जंगल बचाने के लिए कम से कम एक पौधा जरूर लगायें, अगजनी नहीं करें

दलमा में 20 मई को होगा दिसुआ सेंदरा, दलमा राजा राकेश हेंब्रम ने की अपील

-सेंदरा पर्व के दिनदलमा की तराई में होगा लोबीर दोरबार का आयोजन

जमशेदपुर:

परसुडीह क्षेत्र घाघीडीह स्थित सिदिऊ तियु आदिवासी समाज भवन में दलमा राजा राकेश हेंब्रम की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक हुई. इसमें 20 मई को होने वाले दलमा सेंदरा के संबंध में समाज के लोगों व सेंदरा वीरों ने चर्चा की. दलमा राजा राकेश हेंब्रम ने कहा कि वन पर्यावरण के साथ आदिवासी-मूलवासी समाज का अन्योन्याश्रय संबंध है. इसलिए दलमा बुरू सेंदरा समिति तमाम सेंदरा वीरों से आह्वान करता है कि वे पारंपरिक औजार के साथ दल बनाकर सेंदरा पर्व को मनाने के लिए आये. साथ ही कम-कम एक पौधा अपने साथ जरूर लेकर आए और दलमा की तराई में रोपण करें.

उन्होंने कहा कि हरेक सेंदरा वीर एक पौधा भी अपने साथ लायेंगे तो हर साल दलमा में हजारों पौधा का रोपण हो सकेगा. इससे वन पर्यावरण तो बचेगा ही, उनसे आदिवासी-मूलवासी समाज का रिश्ता और अधिक प्रगाढ़ व मजबूत होगा. दूसरा लाभ यह होगा कि वन में वन्य जीवों को उनका सुरक्षित आवास मिलेगा और उनकी संख्या भी बढ़ेगी. बैठक में लिटा बानसिंह, धानो मार्डी, शंकर गागराई, जगदीश सरदार, लखींद्र कुंकल, सरिता बारदा, सुकरा बारजो, सुषमा बारजो, विपिन बोदरा, नंदी बोदरा, लालसिंह गागराई, लक्ष्मी बारदा, संपूर्ण सांवैया समेत अन्य मौजूद थे.

जाल, फांस व बंदूक पूर्णत: वर्जित रहेगा

राकेश हेंब्रम ने कहा कि सेंदरा वीर आदिकाल से चले रहे सेंदरा परंपरा को मनाने के लिए हजारों की तदाद आये. लेकिन अपने साथ जाल, फांस व बंदूक जैसे चीजें बिलकुल नहीं लाएअ. सेंदरा पर्व में इन चीजों को पूर्णत: वर्जित रखा गया है. 20 मई को उत्साह के साथ सेंदरा पर्व मनायें. लेकिन इस बात ख्याल रखें कि आगलगी जैसे घटना को बिलकुल अंजाम नहीं देना है. उन्होंने तमाम सेंदरा वीरों से आग्रह किया है कि सेंदरा परंपरा निर्वहन के बाद दोपहर को दलमा की तलहटी में आयोजित लोबीर दोरबार में जरूर शरीक हों. इसमें देश परगना, तोरोप परगना, शिक्षाविद व कई सेंदरा वीर शामिल होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel