[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड दुमका वीसी ने किया पुस्तक ””कैक्टस”” का लोकार्पण

वीसी ने किया पुस्तक ””कैक्टस”” का लोकार्पण

0
वीसी ने किया पुस्तक ””कैक्टस”” का लोकार्पण

संवाददाता, दुमका सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में सोमवार को शिक्षक विक्रम कुमार की पुस्तक ‘कैक्टस’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया. कुलपति प्रो डॉ कुनुल कंदीर ने मुख्य अतिथि पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि ‘कैक्टस’ मनुष्य की संघर्षशील भावना और जिजीविषा का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक दो पीढ़ियों के अनुभवों को जोड़ती है और नयी पीढ़ी को संवेदनशीलता व संस्कार की दिशा देती है. समारोह में कुलसचिव राजीव रंजन शर्मा, प्रॉक्टर डॉ राजीव कुमार, डीएसडब्ल्यू जैनेंद्र यादव, वित्त पदाधिकारी संजय सिन्हा समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन अशोक सिंह ने किया. लेखक विक्रम कुमार ने अपनी लेखन यात्रा और रचनात्मक अनुभव साझा किया. समारोह की अध्यक्षता कर रहीं पूर्व प्रतिकुलपति डॉ प्रमोदिनी हांसदा ने कहा कि विक्रम कुमार ने अपनी निरंतर साहित्य साधना से दुमका की साहित्यिक परंपरा को समृद्ध किया है. पुस्तक चर्चा सत्र में डॉ यूएस आनंद, अरुण सिन्हा, डॉ विनय कुमार सिंह समेत कई साहित्यकारों ने ‘कैक्टस’ की विषयवस्तु पर विचार व्यक्त किया. मीनाक्षी प्रकाशन, दिल्ली से प्रकाशित ‘कैक्टस’ में कवि विक्रम कुमार की चुनिंदा कविताएं और लघुकथाएं संग्रहित हैं, जिसमें उनके पिता डॉ यूएस आनंद की रचनाएं भी शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel