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Home झारखण्ड दुमका अब जिले में वीडियो कॉल से जांची जाएगी शिक्षकों की उपस्थिति

अब जिले में वीडियो कॉल से जांची जाएगी शिक्षकों की उपस्थिति

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अब जिले में वीडियो कॉल से जांची जाएगी शिक्षकों की उपस्थिति

संवाददाता, दुमका. उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की बैठक की गयी. उन्होंने शिक्षा विभाग एवं सर्व शिक्षा अभियान की मासिक समीक्षा करते हुए ई-विद्यावाहिनी में उपस्थिति नहीं बनाने वाले शिक्षकों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया. उन्होंने सभी बीइइओ को निर्देश दिया कि वे संबंधित विद्यालय में स्वयं जाकर उसकी वास्तविक स्थिति का प्रतिवेदन तैयार करें. उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि एक सेल का गठन कर प्रतिदिन विद्यालयों को एट रैंडम वीडियो कॉल कर शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति की जांच करवाएं. जो शिक्षक फोन नहीं उठाते या विद्यालय से अनुपस्थित पाए जाते हैं, उन पर तत्काल कार्रवाई करें. उन्होंने मासिक पाठ्यक्रम मध्याह्न भोजन योजना, पाठ्य पुस्तक, साइकिल वितरण कार्यक्रम की वास्तविक स्थिति विद्यार्थियों को फोन कर जांच कराने का निर्देश दिया. उन्होंने निदेश दिया कि विद्यालय विकास मद में बहुत बड़ी राशि बिना उपयोग पड़ी हुई है. इसके लिए आवश्यक बैठक कर बेंच-डेस्क, चहारदीवारी आदि मूलभूत सुविधाओं के निर्माण में इसका व्यय किया जाए. स्थानीय विधायक चूंकि विद्यालय विकास समिति के सदस्य होते हैं, इसलिए विधायकों से इस संबंध में पत्राचार करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि संबंधित कनीय अभियंता इस संबंध में प्राक्कलन तैयार करें तथा विकास कोष की राशि किस कार्य में व्यय की गयी है, उसके पूर्व एवं बाद की स्थिति का फोटो सहित आवश्यक दस्तावेज समर्पित करें. उन्होंने पलाश बहुभाषी शिक्षण कार्यक्रम के संबंध में निर्देश दिया कि जिन स्कूलों में यह कार्यक्रम चल रहा है वहां प्रतिदिन 90 मिनट की पढ़ाई अनिवार्य रूप से करायी जाए. इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए. उन्होंने कहा कि शिक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है, इसलिए वे विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे. कार्यालयों में भी सभी आवश्यक दस्तावेज व्यवस्थित रूप से पाया जाना चाहिए. उन्होंने मैट्रिक एवं इंटर परीक्षा परिणाम की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक प्रतिनियोजन का निर्देश दिया. इसके अतिरिक्त बच्चों की प्रोग्रेस, मध्याह्न भोजन योजना, आउट ऑफ स्कूल बच्चे, बीआरपी-सीआरपी के स्कूल विजिट, समावेशी शिक्षा आदि कार्यों की समीक्षा की तथा ससमय सारे कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाह लोग उन्हें सख्त नापसंद हैं और वे बिना कार्रवाई किये छोड़ने वाले नहीं है, इसलिए ऐसे लोग सावधान हो जाएं एवं अपनी कार्यपद्धति को बदल लें. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार, जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष कुमार हेंब्रम, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी श्याम सुंदर मोदक, अमर प्रकाश टूटी, रंजन डॉन, वंदना भट्ट, सुबल चंद्र कपूर, पलाश की राज्य स्तरीय प्रतिनिधि पल्लवी शॉ, सभी बीईईओ, बीपीएम व डाइट के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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