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Home झारखण्ड दुमका स्ट्रॉब्रेरी की खेती से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही महिलाएं

स्ट्रॉब्रेरी की खेती से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही महिलाएं

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स्ट्रॉब्रेरी की खेती से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही महिलाएं

संवाददाता, दुमका दुमका जिले के सदर प्रखंड के बेहराबांक पंचायत स्थित कोदोखींचा गांव की पूजा सोरेन ने जेएएचआइएमडीआइ परियोजना के तहत स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू करके एक नयी दिशा में कदम बढ़ाया है. पूजा ने वर्ष 2019 में सूरजमुखी आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद अपनी जिंदगी में बड़ा बदलाव किया. समूह से जुड़ने से पहले पूजा पारंपरिक तरीके से केवल धान की खेती करती थीं. लेकिन समूह के माध्यम से उन्होंने टपक सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों के बारे में सीखा. वर्ष 2021 में पहली बार टपक सिंचाई को अपनाते हुए सब्जियों की खेती शुरू की और एक साल में एक लाख रुपये से अधिक का मुनाफा कमाया. अब पूजा ने अपनी खेती को विस्तार देते हुए स्ट्रॉबेरी की खेती में कदम रखा है. पूजा कहती हैं, मुझे पहले इस फसल के बारे में कुछ भी पता नहीं था, लेकिन ग्राम संगठन की दीदी लोगों ने प्रेरित किया, तो मैंने यह खेती करने का फैसला किया. अभी तक 350-400 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 46 किलो स्ट्रॉबेरी बेच चुकी हूं. पिछले साल नवंबर में स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू करने वाली पूजा को मार्च तक 2.5 क्विंटल उपज की उम्मीद है. पूजा सोरेन की यह पहल न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि दुमका जिले में खेती के नए आयाम खोलने का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है. प्रशासनिक अधिकारियों ने की सराहना : पूजा के फार्म का निरीक्षण करते हुए उपविकास आयुक्त अभिजीत सिन्हा ने उनके प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सफल पहल अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकती हैं. उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि जिले में इस तरह की खेती को प्राथमिकता दी जाये और किसानों को कृषि एवं उद्यान विभाग के माध्यम से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाये. इस मौके पर उपविकास आयुक्त के साथ जिला कार्यक्रम प्रबंधक निशांत एक्का, जिला प्रबंधक प्रणव प्रियदर्शी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक निर्मल वैध और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे.

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