[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड दुमका विवि में मना विश्व हाइपरटेंशन दिवस : छात्र-छात्राओं को मिली हाइपरटेंशन से बचाव की जानकारी

विवि में मना विश्व हाइपरटेंशन दिवस : छात्र-छात्राओं को मिली हाइपरटेंशन से बचाव की जानकारी

0
विवि में मना विश्व हाइपरटेंशन दिवस : छात्र-छात्राओं को मिली हाइपरटेंशन से बचाव की जानकारी

दुमका. सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में विवि मेंटल हेल्थ सेल एवं स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया गया. विभागाध्यक्ष डॉ शर्मा ने कहा कि हाइपरटेंशन एक मनोदैहिक बीमारी है. यह टाइप ए पर्सनेलिटी वाले लोगों को ज्यादा होती है. संवेगात्मक अभिव्यक्ति न होने से व्यक्ति में तनाव जमा होता है. जो परिस्थितिवश विषम उद्दीपन के कारण व्यक्ति में उच्च रक्तचाप वृद्धि का कारण बनता है. जो हार्ट अटैक, ब्रेन हैमरेज, किडनी फेल्योर, डिमेंशिया आदि के रूप में परिणत होती है. यह साइलेंट किलर है. जो जीवन के किसी भी मोड़ पर अचानक मौत का कारण बन सकती है. डॉ शर्मा ने कहा कि हाइपरटेंशन के लिए लोगों में जागरुकता, योग, रिलेक्सेशन प्रशिक्षण आदि सहित व्यक्ति कोपिंग एबिलिटी को मजबूत करने की जरूरत है. जिससे आत्म विश्वास के साथ परिस्थिति पर नियंत्रण बनाए रख सके. मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं मनोविश्लेषण चिकित्सा विधि द्वारा अचेतन में दमित तनावों व विकारों को निकाल बाहर करने की जरूरत है. कार्यक्रम में पीजी सेम टू व फोर के विद्यार्थी उपस्थित थे. मंच संचालन पूजा कुमारी व धन्यवाद ज्ञापन मिथिलेश हेंब्रम ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel