[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड दुमका चार सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल नहीं गयी तो भरना होगा पांच हजार रुपये का जुर्माना

चार सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल नहीं गयी तो भरना होगा पांच हजार रुपये का जुर्माना

0
चार सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल नहीं गयी तो भरना होगा पांच हजार रुपये का जुर्माना

दुमका कोर्ट. सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका को एक मामले में हाईकोर्ट ने चेतावनी देते हुए काउंटर एफिडेविट दाखिल करने को कहा है. सुनवाई के दौरान मामले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि चार सप्ताह के अंदर काउंटर विवि एफिडेविट दाखिल करें. अगर उक्त अवधि में काउंटर एफिडेविट दाखिल नहीं किया जायेगा तब विवि और कुलपति को पांच हजार रुपये अधिवक्ता लिपिक के खाते में जमा करना होगा. मामला वर्ष 2019 में सहायक व्याख्याता नियुक्ति मामले से जुड़ा है. परिवाद के मुताबिक आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किये जाने तथा अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों की जगह सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों का चयन किये जाने से संबंधित मामले में राजेश कुमार दास द्वारा उच्च न्यायालय में वाद दायर है. मामले में लगातार सुनवाई के बावजूद विवि स्तर से चार वर्षों में कोई भी जवाब दाखिल नहीं किया गया है. इस बीच दो कुलपति आये पर किसी ने भी इसपर ध्यान नहीं दिया. इस दरम्यान दो मई 2024 को केस करनेवाले डॉ राजेश कुमार दास ने उच्च न्यायालय में अपने अधिवक्ता के माध्यम से मेंशन कराकर सुनवाई करायी, जिसमें न्यायालय से यह आदेश पारित किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel