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Home झारखण्ड दुमका 12 करोड़ खर्च के बाद नहर के अंतिम छोर तक नहीं पहुंच रहा पानी

12 करोड़ खर्च के बाद नहर के अंतिम छोर तक नहीं पहुंच रहा पानी

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12 करोड़ खर्च के बाद नहर के अंतिम छोर तक नहीं पहुंच रहा पानी

रानीश्वर. दिगलपहाड़ी जलाशय मजबूतीकरण व दायांतट व बायांतट पक्कीकरण कराये जाने के बावजूद नहर के अंतिम छोर तक नहर का पानी नहीं पहुंच रहा है. सिंचाई विभाग की ओर से कैड ( कमांड डेवलपमेंट एरिया) के तत्वावधान में 12 करोड़ रुपये खर्च कर डैम मजबूतीकरण व नहर पक्कीकरण कराया गया था. नहर पक्कीकरण के बाद दायांतट मुख्य नहर के अंतिम छोर के तिलाबनी तक पानी पहुंचाया गया था. जगह-जगह दायांतट नहर पर झाड़ी ऊग आयी थी. स्थानीय लोगों द्वारा कूड़ा कचरा फेंके जाने से चापुड़िया स्कूल के पास से नहर का पानी आगे नहीं पहुंच पा रहा है. नहर की जमीन अतिक्रमण चापुड़िया स्कूल के पास से आसनबनी बाजार तक नहर का डिजाइन बदल कर चौड़ा भी कर दिया गया है. दिगलपहाड़ी जलाशय से चापुड़िया स्कूल तक नहर की चौड़ाई 21 फीट है. आसनबनी बाजार के बाद से तिलाबनी तक नहर की चौड़ाई भी 21 फीट है. बीच में नहर की चौड़ाई महज चार फीट रखी गयी है. नहर की जमीन अतिक्रमण किए जाने से बीच में चौड़ाई कम कर दिये जाने से भी पानी आगे बढ़ने से रुकावट पैदा करता है. कूड़ा-कचरा फेंकने व अतिक्रमण करने से बढ़ी परेशानी स्थानीय लोग नहर को साफ रखने के बदले कूड़ा-कचरा फेंक दे रहे हैं. नहर के भीतर ऊगी झाड़ी जंगल तथा कूड़ा-कचरा साफ कराये जाने से नहर का पानी अंतिम छोर तक पहुंच सकता है. कहीं-कहीं नहर के ऊपर ढलाई कर लोगों ने घर भी बना लिया है. उधर, बायांतट मुख्य नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंच रहा है. बायांतट मुख्य नहर से सिउलीबोन गांव के किसानों को सिंचाई उपलब्ध हो पाता है. दायांतट नहर से फिलहाल चापुड़िया व आसनबनी के कुछ हिस्से में नहर का पानी पहुंच रहा है. चापुड़िया स्कूल के आगे पानी नहीं पहुंचने से आसनबनी के पूर्वी व तिलाबनी के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है. दिगलपहाड़ी नहर पक्कीकरण कराये जाने की मांग को लेकर किसानों ने कमेटी बना कर आंदोलन किया था. राजनीतिक दलों का चुनावी मुद्दा भी बना था. इतनी बड़ी राशि खर्च किये जाने के बावजूद किसानों को सिंचाई के लिए समुचित लाभ नहीं मिल पाया. तीन फोटो

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