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Home झारखण्ड दुमका ग्रामसभा का अधिकार दिलाने के लिए पेसा कानून जरूरी : प्रमंडलीय अध्यक्ष

ग्रामसभा का अधिकार दिलाने के लिए पेसा कानून जरूरी : प्रमंडलीय अध्यक्ष

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ग्रामसभा का अधिकार दिलाने के लिए पेसा कानून जरूरी : प्रमंडलीय अध्यक्ष

ग्राम प्रधान संघ की बैठक में स्वशासी अधिकारों के संरक्षण पर चर्चा

प्रतिनिधि, बासुकिनाथ

जरमुंडी प्रखंड सभागार में ग्राम प्रधान मांझी संगठन की मासिक बैठक प्रखंड अध्यक्ष महादेव यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बताया गया कि आदिवासी समुदाय के स्वशासी अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार को पेसा कानून अविलंब सख्ती से लागू करना चाहिए. ग्राम प्रधान मांझी संगठन के प्रमंडलीय अध्यक्ष भीम प्रसाद मंडल ने कहा कि पेसा कानून ग्राम सभाओं को अधिकार देकर स्थानीय स्तर पर विकास व संसाधनों के प्रबंधन के अलावा स्वशासन का अधिकार प्रदान करता है. इस अधिनियम के लागू होने से आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी. उनके जल, जंगल व जमीन के रक्षा का अधिकार तभी सुरक्षित रह सकता है, जब अधिनियम को सरकार प्राथमिकता के साथ लागू करें. लोकसभा हो या विधानसभा सबसे बड़ी ग्रामसभा है. ग्राम सभा के मजबूती से ही सत्ता के विकेंद्रीकरण का सपना साकार हो पायेगा. वहीं लक्ष्य को प्राप्त करने में ग्राम प्रधान मांझी संगठन की भूमिका उल्लेखनीय होगी. लेखा होड़, प्राणिक, गुड़त, जगमांझी, नायकी को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी.

सम्मानित राशि जल्द भुगतान करने की मांग की

ग्राम प्रधान की बैठक में छूटे हुए लेखा होड़ की सम्मानित राशि जल्द भुगतान करने की सरकार से मांग की गयी. कहा गया कि पेसा कानून आदिवासी समुदायों के परंपरागत नियमों के अनुरूप हो. ताकि उनके धार्मिक सांस्कृतिक एवं पारंपरिक अधिकार सुरक्षित एवं संरक्षित रह सके. कार्यक्रम में बताया गया कि जिन आदिवासी गांव में मांझी थान एवं जाहेर थान का निर्माण नहीं हुआ है. वहां बिना देरी किए इन पूजा स्थलों का निर्माण होना चाहिए. संगठन के सभी सदस्यों से 30 जून को हूल दिवस के अवसर पर इंडोर स्टेडियम दुमका जाने का निर्देश दिया गया. बैठक में प्रखंड अध्यक्ष महादेव यादव, जामा प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र मरिक, कोषाध्यक्ष श्रीपति मंडल, सुरेंद्र राय, मताल हेंब्रम, छोटका मरांडी, देवीलाल मरांडी, सुरदाना मरांडी आदि मौजूद थे.

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