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Home झारखण्ड दुमका नूनबिल स्थित गर्मजल कुंड की नहीं हुई साफ-सफाई, ग्रामीणों में नाराजगी

नूनबिल स्थित गर्मजल कुंड की नहीं हुई साफ-सफाई, ग्रामीणों में नाराजगी

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नूनबिल स्थित गर्मजल कुंड की नहीं हुई साफ-सफाई, ग्रामीणों में नाराजगी

मसलिया. प्रखंड के दलाही स्थित प्रसिद्ध नूनबिल माता मंदिर के प्रांगण के गर्मजल कुंड की अब तक साफ-सफाई नहीं होने से स्थानीय ग्रामीणों व श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है. हर वर्ष नूनबिल मेला की लाखों रुपये में बंदोबस्ती होती है, इसके बावजूद मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं किए जाने पर लोग सवाल उठा रहे हैं. बताया जाता है कि शरद ऋतु की शुरुआत से ही गर्मजल कुंड में स्नान करने और माता की वेदी पर माथा टेकने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगती है. लेकिन कुंड के अंदर और निकास नाली की सफाई को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. कई वर्षों से नूनबिल मेला की बंदोबस्ती जिला परिषद के माध्यम से होती आ रही है. पहले जब मेला की डाक राशि कम थी, तब अंचल स्तर से डाक होती थी, लेकिन अब लगातार जिला परिषद से बंदोबस्ती हो रही है. इस वर्ष नूनबिल मेला की सुरक्षित राशि 2,83,500 रुपये निर्धारित की गयी है. मेला का डाक 8 जनवरी को मसलिया प्रखंड कार्यालय में होगा, जिसका नोटिस जारी कर दिया गया है. मेला डाक लेने वाली टीमें अपनी तैयारी में जुट गयी हैं. इधर, मेला डंगाल में डिंडोली, ब्रेकडांस, झूला और दुकानों का सजना शुरू हो गया है. 16 जनवरी से मेला का शुभारंभ होगा, जो आठ दिनों तक चलेगा. सौंदर्यीकरण के नाम पर पर्यटन विभाग द्वारा मेला डंगाल में एक चबूतरा, मंदिर तक पहुंच पथ, प्रांगण में पेवर ब्लॉक तथा एक नया कुंड बनाया गया है. हालांकि सैलानियों का कहना है कि जहां प्राकृतिक गर्मजल कुंड है, वहां आज तक समुचित सफाई नहीं करायी गयी, जबकि दूसरे स्थान पर बनाए गए कुंड में गर्मजल की सुविधा नहीं है. लोगों ने पुराने गर्मजल कुंड के नवीकरण और नियमित सफाई की मांग की है. प्रखंड क्षेत्र का एकमात्र सुप्रसिद्ध नूनबिल मेला दलाही में ही लगता है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं और नमक की देवी नूनबिल माता की पूजा-अर्चना करते हैं. ऐसे में प्रांगण स्थित गर्मजल कुंड की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं मेला से कम से कम एक माह पूर्व सुनिश्चित की जानी चाहिए. जिप सदस्य बासंती मुर्मू (20 मसलिया पूर्वी) ने कहा कि नूनबिल माता प्रांगण की साफ-सफाई व मूलभूत सुविधाएं समय रहते उपलब्ध करायी जानी चाहिए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

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