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होमियोपैथी डॉक्टर के भरोसे चल रही सीएचसी की इमरजेंसी सेवाएं

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होमियोपैथी डॉक्टर के भरोसे चल रही सीएचसी की इमरजेंसी सेवाएं

साधन सेन, रानीश्वर

रानीश्वर प्रखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों गंभीर संकट का सामना कर रही है. 1.10 लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र में 12 डॉक्टरों के पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल एक डॉक्टर के सहारे चिकित्सा सेवाएं संचालित हो रही हैं. यह स्थिति स्थानीय निवासियों के लिए अत्यंत कठिनाईपूर्ण है और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर करती है. रानीश्वर सीएचसी और तीन पीएचसी में कुल 12 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं. लेकिन वर्तमान में केवल एक डॉक्टर, डॉ नदियानंद मंडल, सीएचसी में कार्यरत हैं. वे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. यहां से डॉ. देवानंद मिश्रा को करीब तीन साल पहले शिकारीपाड़ा स्थानांतरित कर दिया गया. पीएचसी बांसकुली में डॉक्टर गौरव श्रेष्ठ, आमजोड़ा में डॉ. दीपक कुमार सिन्हा और आसनबनी में डॉ. जेआर कृष्णण उच्च शिक्षा के लिए दो वर्षों से शैक्षणिक अवकाश पर हैं. रिक्त पदों पर डॉक्टरों की तैनाती को लेकर विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है. सीएचसी में केवल एक होमियोपैथी डॉक्टर, डॉ. आजाद शेखर पंडित, इमरजेंसी सेवाओं का संचालन कर रहे हैं. जब प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनुपस्थित होते हैं, तो होमियोपैथी डॉक्टर को इमरजेंसी संभालनी पड़ती है. राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत आयुर्वेदिक डॉक्टर हरप्रसाद मुखर्जी स्कूल और आंगनबाड़ी कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं, जिससे आयुर्वेदिक सेंटर में उनकी उपस्थिति सीमित रहती है. डॉक्टरों की कमी के कारण गंभीर सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में प्राथमिक इलाज के बाद मरीजों को सिउड़ी (पश्चिम बंगाल) या दुमका रेफर करना पड़ता है.

क्या कहते हैं लोग

सुखजोड़ा गांव के सुदीप सरकार ने उम्मीद जतायी है कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी इस समस्या का समाधान करेंगे. टोंगरा गांव के फणीभूषण मंडल ने कहा कि बड़े-बड़े अस्पताल भवन तैयार हैं, लेकिन आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का घोर अभाव है.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

रानीश्वर में 12 डाक्टरों में से फिलहाल एकमात्र डाॅक्टर कार्यरत रहने से काफी परेशानी होती है. विभाग को इसके लिए पहल करने की जरूरत है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व सीएचसी के अलावा अन्य काम भी संभालना पड़ता है.

डॉ नदियानंद मंडल, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

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रानीश्वर सीएचसी व तीन पीएचसी में कुल 12 डाक्टरों के सृजित पद, फिजिशियन व सर्जन नहींदो वर्षों से शैक्षणिक अवकाश पर हैं तीन पीएचसी के तीन डॉक्टर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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