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Home झारखण्ड धनबाद सौंदर्यीकरण के नाम पर तालाब बने मैदान, इस साल भी बहकर नालियों में चला जायेगा बरसात का पानी

सौंदर्यीकरण के नाम पर तालाब बने मैदान, इस साल भी बहकर नालियों में चला जायेगा बरसात का पानी

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सौंदर्यीकरण के नाम पर तालाब बने मैदान, इस साल भी बहकर नालियों में चला जायेगा बरसात का पानी

सुधीर सिन्हा, धनबाद,

सौंदर्यीकरण के नाम पर धनबाद शहर के कई तालाब मैदान बन गये हैं. इस वजह से इस साल भी बरसात का पानी बहकर नालियों में चला जायेगा. अगस्त 2023 में बरमसिया छठ तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए आधारशिला रखी गयी. 11 माह बीत गये और काम की गति काफी धीमी है. यही हाल राजा तालाब व बनियाहीर देवघरी तालाब का है. राजा तालाब का पानी, तो बहा दिया गया, विवादों में फंसने के बाद सौंदर्यीकरण का काम रोक दिया गया. बनियाहीर देवघरी छठ तालाब के सौंदर्यीकरण के कारण तालाब का पानी बहा दिया गया है. यहां काम चल रहा है. संभवत: साल के अंत तक यहां सौंदर्यीकरण का काम पूरा होगा. काम की धीमी गति के लिए संवेदक के साथ निगम के अधिकारी भी कम दोषी नहीं हैं. करोड़ों की योजनाएं निकलती है. टेंडर होता है, संवेदक को काम अवार्ड भी किया जाता. टेंडर निकालने व संवेदक को एग्रीमेंट कर काम अवार्ड करने में नगर निगम में खूब तेजी दिखती है. जब योजनाओं को धरातल पर उतारने का समय होता है, तो न तो संवेदक की दिलचस्पी दिखती है और न ही नगर निगम के अधिकारियों की. इसका ताजा उदाहरण है बरमसिया छठ तालाब, सबलपुर का राजा तालाब, झरिया का राजा तालाब, बनियाहिर का देवघरी तालाब व लोको टैंक का सौंदर्यीकरण.

छह माह में पूरा नहीं हुआ गाद निकालने का काम :

2.60 करोड़ की लागत से बरमसिया तालाब का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. छह माह में सिर्फ तालाब का पानी निकाला गया, लेकिन अब तक गाद निकालने का काम पूरा नहीं हुआ है. लंबे समय से सौंदर्यीकरण का काम चलने के कारण आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही है. बस्ती वालों के लिए पानी के लिए एकमात्र स्रोत तालाब ही है.

राजा तालाब का पानी बहाने से इलाके में जल संकट :

सरायढेला स्थित राजा तालाब के सौंदर्यीकरण पर ग्रहण लग गया है. सौंदर्यीकरण के नाम पर तालाब से पानी बहा दिया गया. इसी बीच एक रैयती के हाई कोर्ट जाने से स्टे लग गया है. 2.20 करोड़ की लागत से राजा तालाब का सौंदर्यीकरण होना था. तालाब से पानी बहा देने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. आसपास के बस्ती के लोगों के लिए पानी का एकमात्र स्रोत राजा तालाब है. तालाब से पानी निकल जाने के कारण उन्हें भी काफी परेशानी हो रही है.

झरिया राजा तालाब का शुरू नहीं हुआ एसटीपी का काम :

झरिया राजा तालाब में गंदा पानी को रोकने के लिए पांच करोड़ का एसटीपी (सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांट) लगना है. संवेदक को काम अवार्ड हुए लगभग छह माह बीत गये, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ. जानकारी के मुताबिक एजेंसी की ओर से अब तक एसटीपी का डिजाइन एप्रुव नहीं हुआ है. पिछले दिनों एजेंसी के प्रतिनिधि आये थे और निरीक्षण किया. कहां-कहां एसटीपी लगाना है. इसका डिजाइन तैयार कर लौट गयी. डिजाइन एप्रुव होने के बाद एसटीपी लगाने का काम शुरू होगा.

साल के अंत तक पूरा होगा देवघरी तालाब का सौंदर्यीकरण :

बनियाहीर स्थित देवघरी तालाब का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. 3.14 करोड़ की लागत से तालाब का सौंदर्यीकरण हो रहा है. यहां भी तालाब से पानी बहा दिया गया है. तालाब का घाट, चहारदीवारी का काम लगभग पूरा हो गया है. ब्यूटीफिकेशन का काम बचा हुआ है. जो स्थिति है साल के अंत तक सौंदर्यीकरण का काम पूरा होगा.

लोको टैंक से नहीं निकाली गयी गाद :

लोको टैंक का काम भी धीमी गति से चल रहा है. चुनाव आचार संहिता के पहले 13 करोड़ की योजना का शिलान्यास रखा गया. तालाब से अब तक गाद नहीं निकाली गयी. काम की जो स्थिति है तय समय पर पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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