केंद्रीय मजदूर यूनियनों की देशव्यापी आम हड़ताल को लेकर कोयलांचल में विभिन्न श्रमिक संगठनों ने व्यापक तैयारी की है. हड़ताल के समर्थन में धनबाद, बेरमो व गिरिडीह में विभिन्न श्रमिक संगठनों ने बुधवार को बैठक की. जनसंपर्क अभियान और क्षेत्रीय स्तर पर रणनीति भी तैयार की. यूनियन नेताओं का दावा है कि हड़ताल में कोयला उद्योग समेत विभिन्न क्षेत्रों के लाखों श्रमिक भाग लेंगे. इससे कोयला उत्पादन और डिस्पैच पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है. बीसीसीएल में प्रतिदिन 1.25 लाख टन उत्पादन व एक लाख टन कोयला डिस्पैच होता है. जिस पर प्रभाव पड़ सकता है. इससे बिजली, इस्पात, सीमेंट और अन्य उद्योगों को कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. वहीं बीसीसीएल ने कर्मचारियों, अधिकारियों और श्रमिकों से हड़ताल में शामिल होने होने की अपील की है. औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के प्रावधानों के तहत हड़ताल को अवैध बताया है. ऐसी स्थिति में ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ सहित नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है.