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Home झारखण्ड धनबाद धनबाद स्टेशन कार्यक्रम विवाद: मेयर संजीव सिंह को रोकने पर रेलवे की सफाई, घर पर अधिकारियों ने की बात

धनबाद स्टेशन कार्यक्रम विवाद: मेयर संजीव सिंह को रोकने पर रेलवे की सफाई, घर पर अधिकारियों ने की बात

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धनबाद स्टेशन कार्यक्रम विवाद: मेयर संजीव सिंह को रोकने पर रेलवे की सफाई, घर पर अधिकारियों ने की बात
धनबाद के मेयर संजीव सिंह और उनकी विधायक पत्नी रागिनी सिंह (दाएं) से बात करते रेलवे के अधिकारी. फोटो: प्रभात खबर

धनबाद से विक्की प्रसाद की रिपोर्ट

Dhanbad News: झारखंड के धनबाद में रेलवे स्टेशन पर नई ट्रेन के नियमित परिचालन के शुभारंभ जैसे महत्वपूर्ण अवसर से ठीक पहले मेयर संजीव सिंह को कार्यक्रम में शामिल होने से रोके जाने के मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया. विवाद बढ़ने के बाद पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) धनबाद मंडल के वरिष्ठ अधिकारी सरायढेला स्थित मेयर संजीव सिंह के घर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई दी.

रेलवे के अधिकारियों ने काफी देर तक की बात

मेयर के आवास पहुंचे अधिकारियों में सीनियर डीसीएम मनीष सौरव और सीनियर डीओएम मो इकबाल शामिल थे. इस दौरान झरिया विधायक और मेयर की पत्नी रागिनी सिंह भी मौजूद रहीं. अधिकारियों और मेयर के बीच करीब काफी देर तक बातचीत हुई. जिसमें कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न स्थिति और प्रोटोकॉल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई.

जनप्रतिनिधि का अपमान करना नहीं था उद्देश्य

रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में आमंत्रण और प्रवेश पूरी तरह पूर्व निर्धारित सूची और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया गया था. उनका कहना था कि किसी भी जनप्रतिनिधि का अपमान करना रेलवे का उद्देश्य नहीं था, बल्कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ निर्णय मौके पर लेने पड़े. उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की असुविधा हुई है, तो उसका खेद है.

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क्या है पूरा मामला

मंगलवार को धनबाद स्टेशन पर नई ट्रेन के नियमित परिचालन का शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित था. कार्यक्रम में कई रेलवे अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था. इसी दौरान कार्यक्रम से ठीक पहले रेलवे द्वारा चिट्ठी जारी कर मेयर को कार्यक्रम में शामिल होने से रोक दिया गया.

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किसी के दबाव में लिया गया निर्णय

मेयर संजीव सिंह ने बताया कि उन्हें 3 तारीख को रेलवे की ओर से 6 अप्रैल के कार्यक्रम का निमंत्रण मिला था, लेकिन कार्यक्रम से दो घंटे पहले उन्हें फोन और व्हाट्सऐप के जरिए आने से मना कर दिया गया. उन्होंने कहा कि भीड़ का हवाला देना उचित नहीं है और यह निर्णय किसी दबाव में लिया गया लगता है. सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों के सम्मान की बात कही. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता कुछ लोगों को खल रही है. साथ ही कहा कि रेलवे अधिकारियों ने बाद में घर आकर अपनी गलती स्वीकार की और खेद जताया.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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