[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड धनबाद सिंदरी के विधायक चंद्रदेव महतो के छोटे भाई का निधन, हजारीबाग में थे लेक्चरर

सिंदरी के विधायक चंद्रदेव महतो के छोटे भाई का निधन, हजारीबाग में थे लेक्चरर

0
सिंदरी के विधायक चंद्रदेव महतो के छोटे भाई का निधन, हजारीबाग में थे लेक्चरर
सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो के छोटे भाई डॉ बुद्धदेव महतो.

Dhanbad News: झारखंड के सिंदरी से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है. सिंदरी के पूर्व विधायक आनंद महतो के छोटे बेटे और वर्तमान विधायक चंद्रदेव महतो के छोटे भाई डॉ बुद्धदेव महतो (44 वर्ष) का शनिवार को रांची में निधन हो गया. वे काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई.

हजारीबाग टेक्निकल यूनिवर्सिटी में थे लेक्चरर

डॉ बुद्धदेव महतो हजारीबाग टेक्निकल यूनिवर्सिटी में लेक्चरर के पद पर कार्यरत थे. वे शिक्षा के क्षेत्र में एक समर्पित शिक्षक के रूप में जाने जाते थे. छात्रों और सहकर्मियों के बीच उनकी सरलता, अनुशासन और विषय पर मजबूत पकड़ के लिए विशेष पहचान थी. उनके असामयिक निधन से विश्वविद्यालय परिवार को भी गहरा आघात पहुंचा है.

परिवार में कौन-कौन

डॉ बुद्धदेव महतो के परिवार में उनकी पत्नी सरिता देवी, 3 वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ और गौतम हैं. उनका पार्थिव शरीर रांची से बलियापुर के बड़ादाहा गांव लाया जा रहा है. घटना की खबर सुनते ही काफी संख्या में विधायक चंद्रदेव महतो और भाकपा माले के समर्थक के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एवं कार्यकर्ता घटना पर शोक संवेदना प्रकट करने के लिए बड़ादाहा स्थित उनके आवास पर जुटने लगे हैं.

परिवार और समर्थकों में शोक

डॉ बुद्धदेव महतो के निधन से महतो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. विधायक चंद्रदेव महतो समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. राजनीतिक और सामाजिक जगत से जुड़े कई लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की है.

इसे भी पढ़ें: एम्बुलेंस में डीजल नहीं, बरवाडीह में तड़पता रहा ब्रेन हेमरेज का मरीज

आज होगा अंतिम संस्कार

परिजनों के अनुसार डॉ बुद्धदेव महतो का अंतिम संस्कार शनिवार की शाम चार बजे सरीसाकुड़ी घाट में किया जाएगा. उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचने की संभावना है.

इसे भी पढ़ें: हजारीबाग के बड़कागांव में गोलीबारी, जेवर दुकान में 25 लाख के गहने की लूट

Previous article Gen Z को लुभायेगा टिंडर का AI सरप्राइज, वैलेंटाइन वीक में ‘Chemistry’ देगा रोमांस को नया अंदाज
Next article घर के मेन गेट पर करें ये 5 आसान बदलाव, घर में आएगी सुख-शांति और खुशहाली
Avatar Of Kumarvishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel