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वृद्धजनों की भावनात्मक जरूरतों के प्रति संवेदनशील होने के जरूरत

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वृद्धजनों की भावनात्मक जरूरतों के प्रति संवेदनशील होने के जरूरत

धनबाद.

उम्र के आखिरी पड़ाव में बेटा-बेटी व परिजनों द्वारा बेघर किये गये बुजुर्गों का हाल जानने व उनके अधिकारों के विषय में बताने के लिए प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश राम शर्मा के निर्देश पर शनिवार को अवर न्यायाधीश राकेश रोशन लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की टीम के साथ चलकर लोहारबरवा स्थित लालमणि वृद्धा सेवाआश्रम पहुंचे. कहा : वृद्धजनों की आर्थिक और स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने और वृद्धजनों की भावात्मक जरूरतों के प्रति संवेदनशील सामाजिक वातावरण बनाये जाने की आवश्यकता है. न्यायाधीश ने बताया : जिले के सभी प्रखंडों में छह सप्ताह के लिए वृद्ध जनों के अधिकारों के लिए विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया है. न्यायाधीश ने वृद्धा आश्रम के एक-एक कमरों व परिसर का निरीक्षण किया. भवन के हर फ्लोर पर पर्याप्त टॉयलेट व स्नानागार, पेयजल की व्यवस्था की भी जानकारी ली. यहां रह रहे कुल 27 वृद्धजन से यहां दी जाने वाले व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया. बुजुर्ग ने बताया : यहां खाना समय पर मिल रहा है और पूरी तरह निःशुल्क है. सोने के लिए बेड ओढ़ने के लिए कंबल इत्यादि सभी व्यवस्था मिल रही है. वृद्धि लोगों के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए यहां परमानेंट चिकित्सक मौजूद नहीं हैं. जिस पर न्यायाधीश ने फौरन कार्रवाई करते हुए चिकित्सक उपलब्ध करने का निर्देश दिया. मौके पर उपस्थित मेडिकल टीम ने वृद्धजनों की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें आवश्यक दवाइयां दी. न्यायाधीश ने उन्हें विश्वास दिलाया कि जल्द ही सेवाआश्रम में स्थायी तौर पर हेल्थ सेंटर जिला प्रशासन के सहयोग से शुरू कर दिया जायेगा. न्यायाधीश ने वहां रह रहे वृद्धि जनों के बीच फल व अन्यखाद्य सामग्री का वितरण किया. विश्वास दिलाया कि पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान हेल्थ कार्ड, आधार कार्ड आदि की व्यवस्थाएं जल्द जिला प्रशासन के सहयोग कर दी जायेगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वृद्धा पेंशन के लिए उम्र सीमा 60 से 50 वर्ष करने की योजना लागू कर दी है. पात्र लोगों को 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की सरकार की योजना है. मौके पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ कुमार विमलेंदु, डिप्टी चीफ अजय भट्ट, नीरज गोयल, राजेश कुमार सिंह, लालमणि वृद्धा आश्रम के अध्यक्ष नौशाद गद्दी, सचिव डॉ डी शरण, सह सचिव सुरेंद्र यादव, ओमकार मिश्रा, एसएस हाजरा, रवि श्रीवास्तव, सीएचसी टुंडी सेंटर डॉ श्रवण कुमार, पारा लिगल वोलेंटियर संध्या कुमारी, राजेश सिंह मौजूद थे.

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