[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home झारखण्ड धनबाद Dhanbad News: अब कोयला ही नहीं, क्रिटिकल मिनरल्स भी दे सकती है झरिया

Dhanbad News: अब कोयला ही नहीं, क्रिटिकल मिनरल्स भी दे सकती है झरिया

0
Dhanbad News: अब कोयला ही नहीं, क्रिटिकल मिनरल्स भी दे सकती है झरिया

देश में ऊर्जा और हाइटेक उद्योगों की बढ़ती जरूरतों के बीच भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने झरिया कोलफील्ड में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरइइ) और क्रिटिकल मिनरल्स की खोज का अभियान तेज कर दिया है. संभावना जतायी जा रही है कि बीसीसीएल के ओबी (ओवरबर्डन) डंपों में इन रणनीतिक खनिजों के भंडार मौजूद हो सकते हैं.

बीसीसीएल प्रबंधन ने 183वीं सीएमडी बैठक में मिले निर्देशों के अनुपालन में दो निष्क्रिय ओबी डंपों को बेसलाइन सैंपलिंग और विश्लेषण के लिए चिह्नित किया है. इनमें इजे एरिया के चंदन ओसीपी के निकट स्थित एएसपी कोलियरी का पुराना डंप तथा सीवी एरिया के दहीबाड़ी-बसंतीमाता ओसीपी का डंप संख्या-3 शामिल हैं. इन दोनों स्थलों पर सैंपलिंग कार्य के लिए 15 दिसंबर 2025 को सीएमपीडीआइ के आरआइ-टू को कार्यादेश जारी किया गया था. इसके बाद सीएमपीडीआइ की टीम ने दोनों ओबी डंपों में पिट सैंपलिंग का कार्य पूरा कर लिया है. अब एकत्रित नमूनों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जायेगा, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इन डंपों में रेयर अर्थ एलिमेंट्स और क्रिटिकल मिनरल्स किस मात्रा में मौजूद हैं.

ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विकास में अहम है खोज : बीसीसीएल ने इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की है. कंपनी ने आइआइटी आइएसएम धनबाद के सहयोग से झरिया कोलफील्ड के डाइक्स में भी आरइइ और क्रिटिकल मिनरल्स की उपस्थिति का अन्वेषण शुरू किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि व्यावसायिक स्तर पर इन खनिजों के भंडार की पुष्टि होती है, तो यह न केवल झरिया कोलफील्ड की अर्थव्यवस्था के लिए नया अध्याय साबित होगा, बल्कि देश की रणनीतिक खनिज सुरक्षा को भी मजबूत करेगा. भारत वर्तमान में कई महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आयात पर निर्भर है. ऐसे में झरिया क्षेत्र में संभावित भंडार की खोज को ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है.

क्या हैं आरइइ व क्रिटिकल मिनरल्स, जानें अहमियत

रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरइइ) और क्रिटिकल मिनरल्स आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं. इन खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरियों, सोलर पैनलों, रक्षा उपकरणों, सेमीकंडक्टर, मोबाइल फोन और अन्य हाइटेक इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण में बड़े पैमाने पर होता है. भारत की जरूरत का बड़ा हिस्सा अभी आयात के जरिये पूरा होता है. यही वजह है कि देश के भीतर इनके नये स्रोतों की खोज पर जोर दिया जा रहा है. झरिया कोलफील्ड में चल रहा यह अन्वेषण सफल होने पर भारत की आयात निर्भरता कम करने और रणनीतिक खनिज सुरक्षा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel